सोन घाट पर पावन-पर्व छठ पूजा की तैयारी पूर्ण,कल डूबते सूर्य को अरघ देंगे श्रद्धालु।

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अशोक मदेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। सोन नदी के पवित्र पावन तट पर आगामी रविवार को अस्ताचलगामी (डूबते हुए) सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा जबकि सोमवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का समापन होगा।
इस त्योहार में श्रद्धालु इसके तीसरे दिन डूबते सूर्य को और चौथे व अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्ध्य देते हैं. पहले दिन को ‘नहाय-खाय’ के रूप में मनाया जाता है जिसमें व्रती लोग स्नान के बाद पारंपरिक पकवान तैयार करते हैं. दूसरे दिन को ‘खरना’ कहा जाता है, जब श्रद्धालु दिन भर उपवास रखते हैं, जो सूर्य अस्त होने के साथ ही समाप्त हो जाता है.
उसके बाद वे मिट्टी के बने चूल्हे पर ‘खीर’ और रोटी बनाते है, जिसे बाद में प्रसाद के तौर पर वितरित किया जाता है. पर्व के तीसरे दिन छठ व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य देते हैं. चौथे व अंतिम दिन को पारन कहा जाता है, इस दिन व्रती सूप में ठेकुआ,सभी प्रकार फल-फूल जैसे कई पारंपरिक पकवानों के साथ ही गन्ना रखकर उगते सूर्य को अर्ध्य देते हैं जिसके बाद इस पर्व का समापन हो जाता है।
उल्लेखनीय है कि बिहार में छठ सबसे बड़े पर्व के तौर पर श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है इस अवसर पर नगर पंचायत चोपन द्वारा सोन नदी तट पर भरपूर लाइट की व्यवस्था व नगर के तमाम समाजसेवी अपना अपना टेण्ट लगाकर आने जाने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामना संदेश दे नजर आए। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, अध्यक्षा प्रतिनिधि उस्मान अली, भाजपा वरिष्ठ नेता राजा मिश्रा, संतोष कुमार सिंह,अजय कुमार सिंह,प्रवीण सिंह ,पिन्नु सरदार सहित नगर के तमाम समाजसेवी व पत्रकार बन्धु
मौजूद रहें।

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
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