अशोक मदेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। रेलकर्मियों को ओ पी एस एवं अन्य लंबित मांगों पर केन्द्र सरकार की विलंबित नीति के खिलाफ ऑल इंडिया रेलवमेंस फेडरेशन के आह्वान पर भूख हड़ताल एवं विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया. आयोजन का नेतृत्व ईसीआरकेयू चोपन वन के शाखा सचिव वी के डी द्विवेदी तथा अध्यक्ष उमेश कुमार सिंह ने किया।
इस जोरदार प्रदर्शन के उद्देश्य के विषय में जानकारी देते हुए उमेश कुमार सिंह ने कहा कि केन्द्र की मजबूत सरकार से अपनी मांगों को मनवाने के लिए रेलकर्मियों को भी अपनी एकता की मजबूती दिखानी होगी. इस एकता से ही हम सरकार को अपनी मांग मानने के लिए बाध्य कर देंगे. उन्होंने कहा कि सभी युवा रेलकर्मी सोशल मीडिया पर पूरी सक्रियता से जुड़ें और पुराने पेंशन की मांग को जोरदार तरीके से उठाने का काम करें. उन्होंने कहा कि भारत की न्यायपालिका और विधायिका के लोगों ने अपने लिए पुराने पेंशन को स्वीकृति दी है लेकिन इस देश की सेवा करने वाले कर्मचारियों को जबरन एन पी एस में रखा है. अब समय आ गया है कि हम एकजुट होकर अपने लिए पुराने पेंशन की लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने का काम करें।
इस मौके पर शाकिब खान,जे खान, एस कुमार, जे के चौधरी, पी कुमार, संतोष कुमार, राजीव रंजन सहित बड़ी संख्या में रेलकर्मियों ने इंकलाबी नारों के साथ अपनी मांग बुलंद किया।
रेलकर्मियों की प्रमुख मांगें-
– एन पी एस समाप्त कर सभी को ओ पी एस देने।
– रेलों का निजीकरण और निगमीकरण बंद करने।
– एल डी सी ई ओपन टू ऑल करने।
– जोखिम भरे कार्य करने वाले सभी रेलकर्मियों को जोखिम भत्ता देने।
-प्वाइंट मैन,कार्य व स्टोर विभाग के खलासी हेल्पर को पदोन्नति प्रदान करने।
– रनिंग कर्मचारियों को निर्धारित घंटों से अधिक कार्य न लेने।
– रनिंग कर्मचारियों को एम ए सी पी का लाभ देने।
– कैडर पुनर्गठन का कार्य जल्द कर इस समिति की अनुशंसाओं को लागू करने।
– महिला रेलकर्मियों को कार्य स्थल पर सुरक्षा देने।
– महिलाओं को अलग से वाशरूम युक्त विश्राम केन्द्र की सुविधा मुहैया कराने।
– महिलाओं को सी सी एल अवधि के लिए पूरा वेतन देने आदि सहित कई स्थानीय मांग सम्मिलित हैं।
– 1800 ग्रेड पे के 30% पदों को 1900 ग्रेड पे देने
– रेल आवासों और कालोनियों के रख रखाव सहित बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने।
– रेल अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने तथा आकस्मिक व गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ अस्पतालों से अनुबंध करने तथा कई स्थानीय मांग सम्मिलित हैं।

