अशोक मदेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। मानसून के सीजन में प्रदेश के अन्य जनपदों की तरह जिले में भी सामान्य अनुपात से करीब 66 फीसदी कम वर्षा हुई है। किसानों के फसली नुकसान का सर्वे कराने के लिए डीएम चन्द्रविजय सिंह ने एडीएम सहदेव मिश्रा की अध्यक्षता में कई विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर दी है।
इसी क्रम में आज एक अधिकारियों की टीम ग्राम पंचायत चोपन के पंचायत भवन पर पहुच कर ग्रामवासियों के फसलों का आकलन किया।
गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री ने बारिश की कमी से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर किसानों को सूखा से राहत देने के लिए जिलास्तर पर एडीएम की अध्यक्षता में सर्वे टीम बनाने के निर्देश दिए थे। सर्वे में अधिकारी बारिश की कमी से कीट-रोगों से प्रभावित फसलों के क्षेत्रफल का आकलन कर रहे हैं। सर्वे के पहले चरण में सूख चुकी फसलों का आकलन किया जाएगा। अभी धान में बालियां नहीं पड़ सकी हैं। इसलिए बारिश की कमी से पैदावार में गिरावट का अनुमान लगाना अभी संभव नहीं होगा। इसीलिए पहले चरण के सर्वे में केवल उन फसलों के क्षेत्रफल का आकलन किया जा रहा हैं। जहां पानी की कमी से फसलें सूख चुकी हैं या फिर पौधों की पत्तियां पीली पड़ने के साथ फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। अगले चरण में बालियां पकने और फसल की कटाई शुरू होने के दौरान सर्वे कराकर यह पता लगाया जाएगा कि धान समेत अन्य फसलों की उत्पादकता में कितनी कमी आई है। इसी आधार पर किसानों को देय राहत सहायता तय होगी। इस मौके पर एडीएम सहदेव मिश्रा, तहसीलदार सुशील कुमार लेखपाल अमित सिंह,ग्राम प्रधान दुर्गेश यादव,लवकुश भारती, हरिकेश कुशवाहा सहित स्थानीय ग्रामवासी मौजूद रहे।
अनुपात से कम बारिश होने पर अधिकारियों द्वारा किया गया फसली नुकसान का सर्वे
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Friday, September 9, 2022 2:35 PM
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