अनिल जायसवाल
ओबरा सोनभद्र- स्थानीय ओबरा थाना क्षेत्र के खैरटिया निवासी अविनाश के गांव की जमीन को सगे भाइयों एवं क्रेती खनन व्यवसाई की पत्नी के द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र एवं फर्जी बिक्रेता को खड़ा कर कराया गया जमीन का बैनामा
इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक सम्बन्धित आराजी सख्या- 5545 रकवा 1.1760 हे0 जिसमें आवेदक अविनाश के नाम से 1/3 रकवा 0.392 हे0 भूमि थी जिस भूमि को लेकर सगे भाई कैलाश नीरज ने क्रेती खनन व्यवसाई की पत्नी विभा देवी पत्नी संतोष कुमार एवं अनिल शर्मा ने एक साथ मिलकर साजिश के तहत वैनामा जैसी कार्य को दिया गया अंजाम
आवेदन के द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बिपक्षी खनन व्यवसाई की पत्नी विभा देवी पत्नी संतोष कुमार को जमीन की आवश्यकता थी जिस पर अभियुक्त अनिल शर्मा ने कहा कि बिल्ली मारकुण्डी में रकबा 1.1760 हे 0 जमीन है जिसकी कीमत लगभग 40 लाख रूपये है जो उसको वह सस्ते में दिला देगा , लेकिन कुछ काम उसको करने होंगे ,जिससे वह उसका साथ देगा अभियुक्त अनिल शर्मा की बातों में आकर विपक्षी विभा देवी ने कैलाश नीरज व प्रार्थी की जमीन खरीदने की इच्छा जाहिर किया जिसका सौदा अनिल शर्मा ने 15 लाख रूपये में तय किया । विक्रेता कैलाश व नीरज ने कहा कि उसका भाई प्रार्थी घर पर नहीं है । वह लखनऊ दिल्ली में रहकर कमाता खाता है । जब वह ओबरा आयेगा तो तीनों भाई मिलकर आपस में समझ बुझ कर जमीन बैनामा कर देंगे ।
जिसके उपरांत विपक्षी क्रेती खनन व्यवसाई की पत्नी विभा देवी ने कहा कि प्रार्थी के बिना ही बैनामा करा देंगें क्योंकि उसने रजिस्ट्रार आफिस में बात कर लिया है । विपक्षी और अनिल शर्मा की बातों में आकर उसके भाईयों ने हाँ कर दिया । उसके बाद विपक्षी विभा देवी ने उसका षड्यंत्र कर फर्जी पहचान पत्र फोटो हस्ताक्षर बनाकर दिनांक 21.02.2018 को रजिस्ट्रार आफिस में उसकी जगह अनिल शर्मा को बैठाकर ऑनलाइन फोटो खिंचवाकर अपने आपको अविनाश प्रमाणित कराकर बैनामा करा लिया गया ,जिसमें गवाही के रूप में क्रमशः सतीश कुमार पाठक , नन्हूक राम व मदन पनिका को गवाह बनाकर धोखा धड़ी से फर्जी पहचान पत्र ,फोटो व हस्ताक्षर बनवाया गया और प्रार्थी के जमीन को विपक्षी विभा देवी और अनिल शर्मा ने बैनामा व दाखिल खारिज करा लिया । जब प्रार्थी कोरोना काल में अपने गांव वापस आया तो और खेती करने अपने जमीन पर गया तो विपक्षी विभा देवी ने उसके साथ गाली – गलौज करने लगी और कहने लगी कि उसने जमीन खरीद लिया हूं । दोबारा इस जमीन पर तुम मत आना तथा अनिल शर्मा को बुलाकर कहा कि इसको समझा दो नहीं तो जान से मारकर फेकवा देगी । विपक्षी के इस घृणित कार्य से प्रार्थी काफी डर एवं भयभीत हो गया
जिसको लेकर प्रार्थी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और प्रार्थी के आवेदन पर न्यायालय द्वारा यह निर्देश दिए गए की थानाध्यक्ष ओबरा के द्वारा आदेवक अविनाश के प्रार्थना पत्र अ. धारा -156(3) दं. प्र.स. में उल्लिखित घटना के बाबत उचित धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर विधिनुसार विवेचना करें अथवा करावें।

