अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। आदर्श नगर पंचायत चोपन क्षेत्र अंतर्गत बिगत दो वर्षों से स्थानीय रेलवे प्रशासन द्वारा नगर की भोली भाली जनता को बिना दस्तावेज के फर्जी तरीके से अपनी जमीन बताकर नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा हैं जबकि सभी निवासी गण अपनी गाढ़ी कमाई लगाकर जमीन लेकर घर बनाकर अपने बाल बच्चों के साथ समाज की मुख्य धारा में रहकर अपने अपने बच्चों पठन-पाठन एवं जीवन यापन कर रह रहे थे । ऐसे में अचानक बिगत दो वर्षों से रेलवे के वसुलीबाज़ आईओडब्लू द्वारा चार सौ घरों को नोटिस पर नोटिस जारी कर उनके घरों को रेलवे की जमीन बताकर खाली करने की बात कर रहा है और महज़ वसूली के लिये निवासियों को मानसिक तौर पर बेवजह परेशान किया जा रहा है। जबकि लोगों का कहना है कि हम लोग तीस चालीस वर्षों से बाकायदा रजिस्ट्री करा कर एवं विभिन्न अदालतों के आदेशनुसार नियमों कानुनी का पालन करते हुए जमीन लिए हैं और अब अचानक से रेलवे कह रहा है कि यह जमीन हमारी है और मांगने पर रेल के कर्मचारी मौके पर कोई कागजात भी नही दिखा रहै है। जो कुछ भी रेलवे के पास कागजात हैं उनका कहीं से भी राजस्व विभाग के दस्तावेज से मिलान नहीं हो रहा है। इन्ही सब समस्याओं को लेकर नगर के व्यापारियों, समाजसेवियों और बुद्धजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य मंत्री समाज कल्याण संजय सिंह गोंड़ के आवास पर पहुँच कर एक ज्ञापन सौंपा। जिसपर उन्होंने नगरवासियों की इस विकट समस्या को बड़े ही बारीकी ढंग से अध्ययन किया और तत्काल मौके पर ओबरा एसडीएम को तलब किया। जहाँ अधिवक्ता अमित सिंह द्वारा रेलवे द्वारा अधिकृत जमीनों और उससे पृथक आम लोगो के जमीनों के रेवेन्यू रिकार्ड के बारे में पक्ष मजबूती से रखा और कहा कि रेल के अधिकारी सन 1960 के अधिग्रहण की मनमाना और गलत व्याख्या कर लोगो को परेशान कर रहे हैं। भाजपा जिला महामंत्री भाजपा रामसुंदर निषाद ने कहा कि, रेलवे के पास मौजूदा दस्तावेज का राजस्व रिकार्ड से आपसी मिलान नहीं हो रहा है तो बिना संयुक्त सीमांकन के बेदखली की कार्यवाही नही होनी चाहिये। मण्डल अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि रेल विभाग द्वारा रेवन्यू रिकार्ड के अनुसार ही कार्यवाही करनी चाहिए और जबतक रेलवे अपने जमीनों का पूर्ण दस्तावेज नहीं पेश करती है तब तक किसी निवासी को रेलवे द्वारा परेशान न किया जाए चाहे वह अमीर हो या गरीब।
जिसके बाद ओबरा एसडीएम ने कहा कि समस्या के निस्तारण के लिए टीम गठित कर दिया गया है जो रेल विभाग, राजस्व विभाग और रहवासियों के कागजातों का सत्यापन कर अग्रिम कार्यवाही करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में धर्मेंद्र जायसवाल, सोनी जैन, रविन्द्र गोयल उर्फ दीनू सेठ सहित सैकड़ों पीडित निवासीगण मौजूद रहे।

