एशिया महाद्वीप में विंध्य क्षेत्र जनपद सोनभद्र को बिजली उत्पादन में दूसरा स्थान प्राप्त है।
हमारे जनपद के बिजली उत्पादन से आधा विश्व जगमग हमारा जनपद में अंधेरा क्यों,यह तो वही कहावत हो गई चिराग तले अंधेरा।
अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। इन दिनो चोपन क्षेत्र के नगरीय एवं ग्रामीण इलाकों में बिजली कब आई गई इसका पता ना तो बिजली विभाग को हैं और ना ही उपभोक्ताओं है समस्या कुछ लेकिन इसका खामियाजा उपभोक्ता क्यों झेले जो नियमित बिजली का उपभोग एवं बिल देते हैं।
योगी सरकार ने बीते विधानसभा चुनाव में जनता से वादा किया थे कि 200 यूनिट बिजली फ्री और 20 से 22 घण्टे मिलेगा। यहाँ आम जनता का कहना है कि बिजली बिल जमा करने के बाद भी 10 से 12 घण्टा बिजली नही मिल रहा है। गर्मी प्रचण्ड रूप धारण किए हुए हैं। पारा 43% प्रतिशत के पार है ऐसी स्थिति में बिजली का न होना किसी काले पानी की सजा से कम नही है। बिजली विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूछने पर अनभिज्ञता जाहिर करते हुए बताते हैं हम लोगो को नही पता कटौती हो क्यो रहा है। फिर कहते हैं ये ऊपर का आदेश है। कभी फोन नही उठाते तो कभी कोई बहाना बना देते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं विधुत मंत्री ए के शर्मा के अनुसार प्रदेश में बिजली की कमी नही हैं न कटौती होगी। फिर जनता को मूर्ख कौन बना रहा है। लोकल जनप्रतिनिधि या मंत्री अधिकारी बिजली के अघोषित कटौती से बच्चों की पढ़ाई से लेकर उद्योग धंधों पर भी असर पड़ रहा है। समय रहते सरकार सुधार नही हुआ तो आम जनमानस आंदोलन को बाध्य होंगे। विपक्षी पार्टियों के नेताओं का कहना है इसी बिजली कटौती के खिलाफ बीजेपी कार्यकर्ता सड़को पर रहते थे । आज विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए नेतृत्वकर्ताओ पर ही फर्जी फर्जी मुकदमे लाद दिए जा रहे हैं। न बिजली आने का समय निर्धारित है, न कटौती का । बिजली कब आएगी कब चली जाएगी कोई गारंटी नहीं।

