अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
ओबरा/सोनभद्र ओबरा वन प्रभाग अंतर्गत कोन बन रेंज इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है ,गिट्टी ,पत्थरों का जबरदस्त अवैध खनन किया जा रहा है सूत्रों की मानें तो, वन-विभाग के कर्मचारी सिर्फ खानापूर्ति में लगे हुए हैं सिर्फ यह कह कर पल्ला झाड़ लेते हैं कि हम तो ड्यूटी में लगे हुए हैं जबकि धुआंधार जंगलों से अवैध खनन कर पत्थरों का प्रयोग नवनिर्माणाधीन पुलिया रोपाडंडी में किया जा रहा है, वन कर्मी निजीस्वार्थ मौन में धारण किए हुए हैं जिससे वन कर्मियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा हो रहा है कही, ए कर्मचारी खनन माफिया के आगे विवश क्यों है। ऐ बहुत बड़ा सवाल है क्या रुक पाएगा अवैध खनन, इन दिनों क्षेत्र में यही चर्चा का विषय बना हुआ है,आपको बताते चलें क्षेत्र में हो रहे अवैध बालू गिट्टी के खनन को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में रोष है बार-बार वन कर्मियों को सूचित करने के बावजूद जंगलों से पत्थरों का खनन होना अत्यन्त दुर्भाग्य की बात है वन कर्मियो की लापरवाही या अपने निजी फायदे के कारण जंगल उजड़ रहे हैं साथ ही साथ सरकार के राजस्व की क्षति हो रही है उक्त मामले में बीजेपी कार्यकर्ताओं उमेश कुमार राहुल श्रीवास्तव जितेंद्र कुमार लालबाबू नवनीत पाठक इत्यादि का कहना है कि
अगर वन विभाग द्वारा तत्काल प्रभाव से अवैध खनन को नहीं रोका जाता तो हम लोग सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी वन-विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की होगी ।
अवैध खननकर्ताओं ने अवैध खनन का तरीका बदला, जंगलों से रहा अवैध बोल्डर खनन।
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Saturday, April 9, 2022 7:56 AM
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