*या देवी सर्वभूतेषु मां शैलपुत्री शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमोस्तुते*
*अशोक मद्धेशिया*
*संवाददाता*
*चोपन/सोनभद्र।* आज दो अप्रैल से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है *(इस पावन दिवस पर क्राइम जासूस न्यूज़ परिवार की तरफ से सभी को हार्दिक शुभकामना)* पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है. आरोग्य और धन लाभ के लिए मां के पहले स्वरूप को गाय के घी का भोग लगाना शुभ होगा
कल यानी 2 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. नवरात्रि पर माता दुर्गा प्रत्येक दिवस अलग-अलग सवारी से आती है. जिसका शुभ या अशुभ असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है. इस बार माता दुर्गा प्रथम दिवस घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्रि पूरे नौ दिन पड़ रही हैं,इस दौरान माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनकी पूरे विधि विधान से पूजा की जाएगी. इस दौरान माता के नौ स्वरूपों को किस चीज का भोग लगाना है और इसका जीवन पर क्या असर पड़ने वाला है, आइये इसे जान लेते हैं,दो अप्रैल से इस तरह करें मां आदिशक्ति दुर्गा सप्तशती का पाठ, सितारों से किस्मत चमक उठेगी।

*प्रथम दिवस -* के दिन आदिशक्ति स्वरूपा मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है,आरोग्य और धन लाभ के लिए मां के पहले स्वरूप को गाय के घी का भोग लगाना शुभ होगा।
*द्वितीय दिवस -* के दिन मां ब्रह्मचारिणी की विधि विधान से पूजा की जाती है. मान्यता है कि ऐसा करने से देवी अपने भक्तों को अच्छी सेहत के साथ दीर्घायु का वरदान देती हैं. इस दिन मां ब्रह्मचारिणी को चीनी का भोग लगाना चाहिए।
*तृतीय दिवस -* के दिन माता के मां चंद्रघंटा की पूजा होती है. इस दिन मां को भोग लगाने के साथ जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है, ऐसा करने से धन लाभ मिलता है. तीसरे दिन मां को दूध या इससे संबंधी बनी हुई चीजों का भोग लगा सकते हैं।
*चतुर्थ दिवस -* के दिन माता कुष्मांडा देवी की पूजा-अर्चना की जाती है. भक्तो की आराधना से प्रसन्न होकर माता अपना आर्शीवाद उन पर बनाए रखती हैं. इस दिन मां को मालपुआ का नैवेद्य अर्पित करना चाहिए।
*पंचम दिवस -* के दिन माता स्कंदमाता पूजा से प्रसन्न होकर भक्तों को बिजनेस,करियर में सफलता का आशीर्वाद देती है. उनके हर काम बनने लगते हैं माता के पांचवें स्वरुप को केले का भोग लगाना चाहिए।
*षष्ठी दिवस -* के दिन मां कात्यायनी की पूजा करने से जातक को धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है. इस दिन मां को शहद का भोग लगाना शुभ माना जाता है.
*सप्तम दिवस -* के दिन मां कालरात्रि की पूजा करने का विधान है. रोग मुक्त होने का वरदान प्राप्त करने के लिए भक्त मां कालरात्रि की पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है. मां कालरात्रि को गुड़ से बनाई चीज पसंद होती है, इसलिए मां को इसी का भोग लगाएं।
*अष्टम दिवस -* दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप को पूजा जाता है. मां का आशीर्वाद पाने और हर मनोकामना पूरी करने के लिए इस बार मां को नारियल का भोग लगाएं।
*नवम दिवस -* के दिन मां सिद्धिदात्री को हलवा, पूड़ी और खीर का भोग लगाने से मां की कृपा हमेशा जातक के ऊपर बनी रहती है आदिशक्ति जगत जननी मैया हर मंगल मन्नत पूर्ण करती हैं।

