*अनिल जायसवाल*
*क्राइम जासूस*
*संवाददाता*
डाला/सोनभद्र । ई-टेंडरिग समेत इक्कीस पत्थर खदानों कीओटीपी बंद होने से आनलाइन परमिट की निकासी बंद हो गई है।
इससे शुक्रवार से बिल्ली मारकुंडी के पत्थर खदानों में ब्लास्टिग एवं खनन कार्य पर पूर्णतया रोक लग गई है। जिसके कारण खनन क्षेत्र में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। खनन कार्य में लगे टीपर-कंप्रेसर मशीने आदि जहां-तहां खड़ी पड़ी हैं। वहीं दैनिक मजदूर 9 दिनों से बेकार होकर बैठे हैं। इससे प्रतिदिन प्रदेश सरकार के करोड़ो रूपये का राजस्व प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र का पत्थर खनन उद्योग हजारों लोगों को रोजगार देने के साथ ही प्रदेश सरकार के राजस्व वृद्धि में अहम भूमिका निभाता है। इसके संचालन से जनपद ही नहीं प्रदेश के विभिन्न जिलो में गिट्टी-भस्सी की आपूर्ति होती है, जो सरकार के निर्माण सम्बंधित विकास कार्यो की अहम कड़ी से जुड़ा है। विकास को गति प्रदान करने वाला खनन उद्योग पर आए दिन संकट के बादल मंडराते रहते हैं। इसके कारण खनन उद्योग प्रभावित होता रहता है। बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में ई-टेंडरिग समेत 21 पत्थर खदानों की अचानक ओटीपी बंद होने से आनलाइन परमिट की निकासी भी बंद हो गई है, जिसके कारण खदानों में ब्लास्टिग व खनन कार्य पूरी तरह बंद कर दिया गया। इससे खदानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। खदानों के खनन कार्य में लगे कंप्रेसर मशीन, टीपर आदि खामोश पड़ा हुआ है। वही हजारों की संख्या में लगे क्षेत्रीय मजदूर बेरोजगार हो गये हैं। बगैर सूचना दिए ही अचानक ओटीपी के बंद हो जाने से खनन कार्य व परमिट की निकासी पर अनिश्चितता के बादल छा गये हैं। इसको लेकर खदान संचालक भी संशय में पड़े हैं। ओटीपी बंद होने का कारण भी स्पष्ट नहीं हो सका है। खनन कार्य से जुड़े व्यवसायियों एवं अन्य ने बताया कि 17 फरवरी से ही खदानों में अधिकारियों की टीम आने की सूचना से खनन कार्य को बंद कर दिया गया है।
*ई-टेंडरिग समेत 21 पत्थर खदानों की ओटीपी बंद होने से* खनन क्षेत्र में सन्नाटा
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Friday, February 25, 2022 4:32 PM
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