*अशोक मद्धेशिया*
*क्राइम जासूस*
*संवाददाता*
ओबरा/सोनभद्र। जैसे-जैसे ओबरा विधानसभा चुनाव के मतदान की तारीख नजदीक आ रही है। सियासी पारा चढ़ता जा रहा है।
करीब करीब सभी चर्चित दलों ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया हैं घोषित होने बाद सभी दल के घोषित प्रत्याशी एवं निर्दल ने अपना नामांकन करने के बाद प्रचार में सभी प्रत्याशीयों ने प्रतिदिन समर्थकों के साथ शहर, गांव के मतदाताओं से घर-घर एवं चट्टी चौराहों के चाय पान के दुकानो पर सम्पर्क कर आशीर्वाद के साथ अपनी जीत पक्की करने लिए जनता जनार्दन से वोट अपने पक्ष में देने के लिए समर्थन मांग रहें।
वहीं वोटर सभी दलों के नये पुराने प्रत्याशियों के चाल-चरित्र जनहित में किये गये कार्यों का आकलन करने लगी है।
हालांकि शहर गांव के चैराहे-चट्टी पर स्थित चाय-पान की दुकान पर जनता खुल कर एक दुसरे से अपनी बात रख रहे हैं ।
क्राइम जासूस के रिपोर्टर ने सात मार्च को होने वाले मतदान के सम्बन्ध लोगों से मौखिक बात करके मतदाताओं का मूड जानना चाहा तो,…..
ज्यादातर वोटरों ने भाजपा -सपा के बीच कड़ी टक्कर की बात कही,तो कहीं-कही पर ग्रामीण वोटरो ने बसपा, कांग्रेस के पक्ष में मतदान की बात कही। जनपद में अंतिम चरण में 7 मार्च को मतदान होगा गांव एवं चट्टी चौराहों पर जगह इन दिनों राजनीतिक चर्चाएं आम है कोई खनन व्यवसाय तो कोई रोजगार की बात करता है । तो कोई पांच साल में घरों में आई सुविधाएँ गिनाने से आम मतदाता गुरेज नहीं करता इस सबके बावजूद जातिगत समीकरण और जातियों के अंतर्विरोध भी अंतिम फैसले में निर्णायक साबित हो रहे हैं। प्रदेश में बैठे राजनीतिग्यो और विश्लेषकों का गुणा भाग चाहे जो हो लेकिन चोपन शहरी ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता मुख्य लड़ाई भाजपा और सपा बसपा के बीच मान रहा है। यह भी सच है कि प्रधानमंत्री मोदी मैजिक तो मुख्यमंत्री योगी के अपना काम करने का अंदाज पसन्द आ रहा है। वहीं कुछ लोगों को सपा मुखिया अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री मंत्रीत्व का कार्यकाल पसन्द आ रहा हैं।

सपा ने सुनील सिंह गोड़ तो भाजपा हाईकमान ने काफी मंथन के बाद सेटिंग विधायक संजीव गौड़,बसपा ने पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष खरवार को ओबरा विधानसभा से चुनाव मैदान में उतारा है वहीं कांग्रेस से रामराज को चुनाव मैदान में उतारा हैं
चोपन ब्लाक के शहरी, ग्रामीण युवाओं से बात की गई तो अधिकांश ने जाति धर्म से ऊपर उठकर शिक्षा चिकित्सा कानून व्यवस्था एवं विकास और रोजगार के साथ सभी वर्गों के लिए जातीय भावनाओं से उपर उठकर काम करने वाले दल के प्रत्याशी को वोट देने की बात कही।
नामांकन सभी दल के प्रत्याशी एवं निर्दल प्रत्याशियों ने नामांकन के बाद स्वयं और समर्थकों के साथ प्रचार में लोकलुभावन वादे के साथ लग गये हैं वोटरों के घर घर जाकर अपने पक्ष में वोट देकर जिताने की अपील कर रहें हैं
अब देखना यह हैं कि सात मार्च जनता जनार्दन अपना अमूल्य मत देकर दस मार्च को जीत का ताज पहनाकर अपना विधायक चुनती हैं।
*ग्राउंड समीक्षा रिपोर्ट:* *ओबरा विधानसभा(2022) के चुनाव में जनता के मूड का बा।*
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Sunday, February 20, 2022 2:57 PM
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