सामाजिक तनाव का बड़ा कारण भूमि विवाद- आइपीएफ

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उमेश सिंह
म्योरपुर, सोनभद्र, 7 नवम्बर 2021, दुद्धी में आदिवासियों वनवासियों की उनकी पुश्तैनी जमीन से वन विभाग द्वारा की बेदखली, उत्पीड़न सामाजिक तनाव का बड़ा कारण है. इसके हल के लिए वनाधिकार कानून बना था जिसे हर सरकार ने विफल करने का ही काम किया है. इसलिए वनाधिकार कानून के तहत पुश्तैनी जमीन पर अधिकार देकर ही इस तनाव को कम किया जा सकता है. यह मांग आज धरने के सत्ताइसवें दिन आइपीएफ कार्यकर्ताओं ने की.
धरने में वक्ताओं ने कहा कि मायावती, अखिलेश और भाजपा किसी भी सरकार ने वनाधिकार को लागू नहीं किया. जबकि इस सम्बन्ध में हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए. हालत यह है कि सरकार कह रही है कि सिर्फ उन्हीं लोगों के दावे पर सुनवाई होगी जो आजीविका के लिए वन भूमि पर निर्भर है. दुद्धी में आदिवासी वनवासी अपनी आजीविका के लिए पुश्तैनी वन भूमि और वन उत्पाद पर निर्भर है. इसलिए दुद्धी के हर उस दावेदार को जमीन पर अधिकार दिए जाए जिसका दावा ग्राम स्तर की समिति ने स्वीकृत किया है.
धरने में आइपीएफ जिला संयोजक कृपा शंकर पनिका, मजदूर किसान मंच के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, अनोख लाल खरवार, अंत लाल खरवार, बिरझन गोंड़, मंगरू प्रसाद गोंड़, नयन सिंह गोंड़, सिंह लाल गोंड़, गुलशन गोंड़गोंड़ आदि लोग मौजूद रहे.

कृपा शंकर पनिका
जिला संयोजक
आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट
सोनभद्र.

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
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