उमेश सागर, शक्तिनगर,
शक्तिनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी मोड़ समीप विजयादशमी उत्सव मनाया गया और शस्त्र पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कोविड-19 गाइड लाइन का ध्यान रखा गया। आयोजन में आरएसएस के पदाधिकारियों व विचार परिवार के सदस्यों और स्वयं सेवकों ने बढ-चढकर भाग लिया।
विजयादशमी उत्सव की शुरूआत शक्ति स्वरूपा मां जगदम्बा, भारत मां, आरएसएस के संस्थापक डा.केशव राव बलिराम हेडगवार और द्वितीय सरसंघ चालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर गुरूजी की तस्वीर के सामने रेणुकूट जिला संघ चालक केशरी कुमार कुरवार, रेणुसागर नगर कार्यवाह डॉ0 वीर अभिमन्यु ने दीप प्रज्ज्वलित और शस्त्र पूजन करते हुए कहा कि आरएसएस वर्ष भर में कुल छह उत्सव मनाता है। विजयादशमी उसमें से एक है। यह पर्व असत्य पर सत्य की जीत और अंधकार पर प्रकाश की विजय का द्योतक है। कार्यक्रम में अध्यक्षीय उद्बोधन आरएसएस विभाग संपर्क प्रमुख सनी शरण ने किया।
सनी शरण ने अपने संबोधन में आजादी के अमृत महोत्सव में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि विजयादशमी के दिन ही डा.हेडगेवार ने 1925 में नागपुर में संघ की स्थापना की थी। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भारतीय जन मानस की आत्मा है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित डॉ वीर अभिमन्यु ने कहा कि अयोध्या राजपरिवार में जन्म लेने वाले राजकुमार जब पिता की आज्ञा से महल छोड़ते हैं तो वह अपनी सामर्थ्य और सामाजिक संरचना के बल पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम बन जाते हैं। आसुरी शक्तियां उनके शरणागत हो जाती हैं। पुरातन काल से हम शक्ति की उपासना करते रहें हैं। आरएसएस विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा को जीवंत रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्यत्व ही हिंदुत्व है और हिंदुत्व ही राष्ट्रीयत्व है।
इस अवसर पर शक्तिनगर सह कार्यवाह आशीष चौबे, महानंद गिरी, बजरंग दल जिला सहसंयोजक राघवेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रशांत श्रीवास्तव, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष पवन सोनी, अमरप्रकाश, गुप्तेश्वर सोनी, करण कुमार, आचार्य अनिल चतुर्वेदी व उमापति त्रिपाठी, ओम प्रकाश टंडन सहित विचार परिवार के पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

