म्योरपुर, सोनभद्र 14 अक्टूबर 2021, आदिवासी लड़किया पढ़ना चाहती है, जीवन में आगे बढ़ना चाहती है और देश के विकास में योगदान देना चाहती है लेकिन उनके पढ़ने तक की व्यवस्था नहीं है। इसलिए आदिवासी बाहुल्य दुद्धी में आदिवासी बच्चों विशेषकर लडकियों के लिए निःशुल्क आवासीय उच्च शिक्षा की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। यह मांग आज रासपहरी कार्यालय पर जारी आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के अनिश्चितकालीन धरने में तीसरे दिन उठी।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश की जनता के सरकारी धन से बड़े-बड़े विज्ञापन देकर सरकार महिला सशक्तिकरण की बात कर रही है, मिशन शक्ति चला रही है और बेटी बचाओ-बेटी पढाओं का नारा दे रही है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि विद्यालयों और निःशुल्क व सुलभ शिक्षा के अभाव में बड़े पैमाने पर लड़किया अपनी पढाई छोड़ने पर मजबूर है। बभनी के परसाटोला में बना डीग्री कालेज, भाठ क्षेत्र के मेडरदह में बना राजकीय माडल आवासीय विद्यालय, गुरमुरा बना राजकीय इण्टर कालेज, पिपरखंड में निर्मित एकलव्य आवासीय विद्यालय चालू ही नहीं किया गया है। इन विद्यालयों के चालू न होने से दलित आदिवासी बच्चों के अध्ययन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आदिवासी बच्चों के उच्च शिक्षित न होने से सरकारी विभागों में जनजाति के लिए आरक्षित पद खाली रह जा रहे है।
धरने में प्रस्ताव लिया गया कि लखीमपुर में किसानों के नरसंहार के जिम्मेदार केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त कर गिरफ्तार करने तक आंदोलन जारी रहेगा और इस सवाल को दुद्धी के हर गांव तक ले जा कर भाजपा सरकार के अपराधी माफिया चरित्र का भण्डाफोड़ किया जायेगा।
धरने में आइपीएफ जिला संयोजक कृपा शंकर पनिका, मजदूर किसान मंच जिला संयोजक राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, मंगरू प्रसाद गोंड़, मनोहर गोंड़, राम विचार गोंड़, सुरेश यादव, अकबर गोंड़, देवशरण गोंड़, हरिप्रसाद गोंड़, महिपत गोंड़, महावीर गोंड़ आदि उपस्थित रहे।
कृपा शंकर पनिका
जिला संयोजक
आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट, सोनभद्र
आदिवासी लडकियों की निःशुल्क आवासीय उच्च शिक्षा की व्यवस्था करे सरकार आइपीएफ के अनिश्चितकालीन धरने के तीसरे दिन उठी मांग
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Thursday, October 14, 2021 10:15 AM
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