अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
*प्रधानमंत्री जी के स्वच्छता अभियान को दरकिनार करता सुलभ इंटरनेशनल संस्था।*
चोपन/सोनभद्र। रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते में स्थित सुलभ कंपलेक्स में कई वर्षों से ताला लगा रहने के कारण आने जाने वाले यात्री व निवासियों को स्नान व शौच करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है पूरे चोपन नगर आबादी लगभग 15000 है यहां की पहचान रेलवे से है क्योंकि पूरे जनपद में जो सुविधा चोपन रेलवे स्टेशन की है वह सुविधा पूरे जनपद के किसी स्टेशनों में रेल यात्रियों के लिए नहीं हैं। रेलवे स्टेशन के बाहर यही एक सुलभ कॉन्प्लेक्स है वह भी कई वर्षों से बंद पड़ा है फिर भी यहां के संबंधित अधिकारी कर्मचारी का ध्यान उस बंद पड़े सुलभ शौचालय पर नहीं जाता है।
सूत्रों की माने तो इस सुलभ शोचालय का देखभाल सुलभ इंटरनेशनल कंपलेक्स नाम की रजिस्टर्ड संस्था करती है जिस का हेड ऑफिस वाराणसी है सुलभ कंपलेक्स के बगल में बसे निवासियों का कहना है कि इस सुलभ कंपलेक्स के रहने से हम सभी लोगों को बहुत सुविधा था उधर कई वर्षों से बंद होने के कारण रेलवे स्टेशन से आने वाले परिजन सहित यात्रियों व हम सभी को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिसके कारण स्थानीय निवासी और यात्रीगण बोतल में पानी भर कर इधर उधर झाड़ी का सहारा लेता शौच करने पर विवश होते हैं।
देश के प्रधानमंत्री देशवासियों के उज्जवल भविष्य के लिए हर समय स्वच्छता अभियान पर अपना ध्यान केंद्रित किए रहते हैं और साथ ही साथ मन की बात में स्वच्छता के लिए देश के समस्त अधिकारी कर्मचारी व देशवासियों को स्वच्छ भारत सुंदर भारत बनाने के लिए अपील करते रहते हैं मगर इस सुलभ संस्था द्वारा मनमाने ढंग से कई वर्षों से ताला बंद करके सुलभ कंपलेक्स को रखा गया है इसका क्या कारण है
यह बात आज तक किसी के समझ में नहीं आया बात कुछ भी हो लेकिन इसका खामियाजा यात्रीगण वह और निवासियों को परेशानी शाह कर उठाना पड़ता है इससे प्रधानमंत्री जी के स्वच्छता अभियान को भी धक्का लगता है।
इस संबंध में स्थानीय निवासियों ने अधिशासी अधिकारी महोदय का ध्यान इस प्रकरण पर आकर्षित कराते हुए संबंधित सुलभ शौचालय संस्था को पंचायत प्रशासन से पत्राचार करके तत्काल खुलवाने की जनहित व स्वच्छता अभियानहित में प्रयास करें
*सुलभ कंपलेक्स बना शोपीस रहवासियों यात्रियों को कई वर्षों से सुलभ कंपलेक्स बंद होने से करना पड़ता है परेशानियों का सामना*
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Sunday, October 3, 2021 7:07 AM
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