उमेश सागर संवादाता
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को मनाई जानी है जिसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई ऐसे में जिस तरीके से विश्वकर्मा पूजा शुक्रवार को है जिसको लेकर गुरुवार को बाजारो में चहल-पहल देखने को मिला बाजारों में लोग रंग बिरंग फूल मालाएं खरीदते हुए नजर आ रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पौराणिक काल के सबसे बड़े सिविल इंजीनियर कहे जाने वाले भगवान विश्वकर्मा की पूजा कन्या संक्रांति को होती है. इस दिन भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था, इसलिए इसे विश्वकर्मा जयंती भी कहते हैं. भगवान विश्वकर्मा का जिक्र 12 आदित्यों और लोकपालों के साथ ऋग्वेद में भी होता है. इस बार विश्वकर्मा पुजा 17 सितंबर को शुक्रवार के दिन मनाई जा रही है।

