अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
*पूरे परिवार सहित गंगेश्वर धाम जाने के लिए दर्शनार्थियों को करना पड़ता है काफी कठिनाइयों का सामना इसके लिए कौन जिम्मेदार जिला प्रशासन जनप्रतिनिधि या वन विभाग ध्यान दें*
हर भक्त कहि न कही दर्शन करने महादेव की शरण में जाता है और हाज़री लगाकर अपनी मन्नत मांगता है। गुप्त काशी के नाम से विख्यात सोनभद्र में भी महादेव की तमाम मंदिर है जो घने जंगल क्षेत्र व सबसे ऊंची खोड़वा पहाड़ पर विराजमान है। सोनभद्र में खोड़वा पहाड़ पर मंगेश्वर बाबा महादेव की अति प्राचीन मंदिर है। जहाँ वैसे तो साल भर भक्त महादेव के दर्शन के लिए जाते है। हालांकि सावन में भक्तों का रेला महादेव के दर्शन के लिए अत्यधिक संख्या में खोड़वा पहाड़ पहुचते है। लेकिन दुर्भाग्य इस जिले का यह है कि जो भी प्राचीन क्षेत्र अति प्रचलित है वहा जाना का सुगम रास्ता आजतक उपलब्ध नहीं हो पाया है। बीजेपी के तमाम नेता अपने आपको हिंदूवादी बताते है और कई साधु-संतों के साथ सोनभद्र जो कि गुप्त काशी के नाम से जाना जाता है वहा पर हर जगह जाकर यात्रा पूरी कर चुके है। लेकिन बीजेपी का कोई भी बड़ा नेता आजतक मंगेश्वर बाबा के धाम पर जाने वाले रास्ता को बनवा न सके है। जबकि देखा जाए तो मंगेश्वर बाबा के दर्शन के लिए बीजेपी के बड़े नेता हर सोमवार को जाते है। सोनभद्र को पर्यटन का हब बनाने की बात कहने वाले सत्ता पक्ष के लोग आज तक सोनभद्र में पर्यटन क्षेत्र के लिए सबसे अहम चीज़ रास्ते को बनवा नहीं सके है। अगर सत्ता पक्ष चाह ले तो रातों-रात रास्ता बन जाये। साधु-संत जो कि बीजेपी को पूरी निष्ठा के साथ उनका साथ देते है। उसी साधु संत और भक्त के लिए बीजेपी के पदाधिकारी मंगेश्वर बाबा जाने वाले रास्ते को बनवा नहीं पा रही। ज्ञात हो कि हर बार भक्त अपनी जान को जोखिम में डालकर खोड़वा पहाड़ स्थित मंगेश्वर बाबा धाम पर जाते है। भक्तों का कहना है कि अगर रास्ता बन जाता तो और भी कई जिले से भक्त यहाँ पहुचते। जिससे सोनभद्र का नाम और प्रख्यात हो जाता।
जय हो गुप्त काशी
जय हो मंगेश्वर बाबा की
हर हर महादेव
सोनभद्र को विकास दो….सोनभद्र के लिए अलग से बजट दो
या सोनभद्र से मिलने वाले राजस्व को सोनभद्र के विकास के लिए लगाया जाए।
गुप्त काशी को प्रख्यात करने में सहयोग दे
बीजेपी के जनप्रतिनिधियों को सोनभद्र में ध्यान दिलाने के लिए अभियान चलाया जाए इसमें आप सभी का सहयोग अपेक्षित है

