(संवाददाता मुस्तकीम खान सोनभद्र)
स्थानीय क्षेत्र में पिछले दिनों लगातार हुई बारिश से जहां जनजीवन प्रभावित हो गया है वहीं किसानों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। बेलन नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया था कि नजारा देख कर किसानों ने सिर पर हाथ रख लिया।
रामधनी,इंदर ,धर्मेश संतोष ग्राम पंचायत पांपी के किसानों ने बताया कि मिर्च की दो बीघा की खेती की मिर्च बाढ़ से पूरी तरह डूब गया पानी खाली होने के बाद पूरा मिर्जा सूखने लगा, रामधनी, इंदर ने कहा कि पटवन पर खेत लेकर खेती की जिसमें लाखों रुपये से अधिक का खर्च लग गया था। बारिश से प्रभावित हुई टमाटर और मिर्च की खेती
के साथ हजारो रुपये तक के टमाटर के बीज भी खेत में ही पानी की भेंट चढ़ गए। इसी तरह सेअन्य किसानों का भी नुकसान हो गया है। बाढ़ से डूबे हुए खेतों में धान की फसल भी फसलें चौपट हो गई है।किसान अशोक निवासी बागपोखर ने बताया कि यदि पानी ज्यादा देर तक खेत मे रह गया तो किसानों की बची धान की वह भी फसल नष्ट हो जाती। राष्ट्रीय समानता दल मीरजापुर के मंडल अध्यक्ष चंद्रभान सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान ज्ञात हुआ कि एक अगस्त को घोरावल तहसील के ग्राम बारी महेवा, उचका दाई, उचका, मोकरसिम, रानीतारा, अरुआंव, धोवां, बीमौरी, लोहधरा, कुसम्हा, खरुआंव करकी,कसया बसदेवा,परसौना, मदार बगही आदि गांव में बेलन नदी में अत्यधिक बरसात के कारण आई बाढ़ से धान की फसल तथा अन्य फसलें बर्बाद हो गईं। साथ ही कच्चे मकान भी डूब गए। उन्होंने इसकी जांच कराकर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग जिलाधिकारी से की है।
बारिश से प्रभावित हुई टमाटर और मिर्च की खेती।बतादें की बाढ़ आ जाने से बाढ़ प्रभावित गांवों में जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद न ब्लीचिंग पावडर की ब्यवस्था की गई न डी डी टी का छिड़काव किया गया ,जिसके कारण मच्छर का प्रकोप बढ़ गया है, लोग बीमारी से ग्रसित हो रहें हैं।पानी भी प्रदूषित हो गया है।बाढ़ समाप्ति के बाद बाढ़ प्रभावित जगहों पर दुर्गंध आने लगा है ।

