(संवाददाता मुस्तकीम खान सोनभद्र)
स्थानीय क्षेत्र के करकी ग्रामपंचायत के रजखड़ कस्बे के लोग बेलन नदी के आगोश में लगभग पाँच, सात घरों के चारों दिशाओं में लगभग सात फीट पानी है।बेबस लाचार लोग अपने के छतों पर रात काट रहे हैं।वही सुशील मौर्या के घरों में भी पानी घुस आया है।घरों में रखी सामने भीग गयी है।ग्रामप्रधान प्रवीण कुमार पटेल ने बताया कि कल शाम को क्षेत्रीय लेखपाल को सूचना दे दी गई है,
परंतु अभी तक मौके पर कोई नहीं पहुंचा है।बाढ़ में फसे लोगों को कैसे बाहर निकाला जाय समझ से परे है।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों के खाते में अभी तक धन नहीं आया है।जिससे लाभार्थी परेशान दिख रहे हैं।सुशील मौर्या ने बताया कि मेरे घरों में नदी का पानी आ गया है यदि आवास का पैसा आ जाता तो मैं अपने आवास बनवा लेता,हल्का लेखपाल अल्का विश्वकर्मा ने सेल फोन पर बताया कि हमें सूचना मिली है, हमने अपने सम्बन्धित उच्च अधिकारियों को सूचना कर दी है बाढ़ में फसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया जायेगा।बेलन नदी के किनारे बसे हुए गाँव कसया, कम्हरिया, परसौना, बिरहुलिया,करकी,बसदेवा, बारी महेवा,घेवरी, असना, पतेरी, पगिया ,झखाही जैसे गाँव चपेट में पगिया से सिरविट मार्ग वर्ष भर पहले बना कट कर
बह गया है, रपटे पर चार पीट ऊपर से पानी चल रहा है। भाजपा मंडल महा मंत्री रविन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि पीडब्लूडी एक्सियन का कई बार ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया मानक के अनुरूप कार्य करने के लिए परन्तु ढाक के तीन पात वाली कहानी चरितार्थ हुई, तय मानक के विपरीत बनी सड़क पानी पाते ही कट कर बह गई। फिर हाल समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो, पछतावा के सिवा कुछ हाथ नहीं लगेगा।समाचार लिखे जाने तक नदी का बढ़त जारी है।

