(संवाददाता मुस्तकीम खान सोनभद्र)
कोविड 19 महामारी के कारण बंद स्कूलों को खुलवाने व कोरोना राहत पैकेज देने तथा विद्यालयों का कोरोना काल का बिजली बिल माफ़ करने के लिए जिलाधिकारी व जिलाविद्यालय निरीक्षक को माध्यमिक वित्त विहीन प्रबंधक महासभा व शिक्षक महासभा द्वारा बार बार ज्ञापन देने के बाद भी सरकार ने संज्ञान नहीं लिया। सरकार ने सब कुछ खोल दिया है पर केवल स्कूल ही बंद कर रखा है। छात्र हित में परेशान स्कूल संचालक व शिक्षक अब विधानसभा व विधानपरिषद में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से विद्यालयों की समस्या रखवाने हेतु 27 जुलाई को डीआईओएस के माध्यम से मुख्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।28 जुलाई से विधानसभा व विधान परिषद के माननीय सदस्यों के आवास पर भी पहुंच कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। शिक्षको का कहना है की अगर 15दिनों के अंदर विद्यालय नहीं खोला गया तो महासभा करेगा आमरण अनशन l उक्त आशय की जानकारी वित्तविहीन शिक्षक महासभा के कार्यकारी जिलाध्यक्ष उमाकांत शुक्ला एवं प्रबंधक महासभा के जिलाध्यक्ष शुशील कुमार चौबे , वाराणसी निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी उमाकांत मिश्र ने संयुक्त रूप से दी है। ज्ञापन देने वालों में दो दर्जन से अधिक प्रधानाचार्य व शिक्षक उपस्थित रहे।

