(मुस्तकीम खान सोनभद्र)
राजधानी लखनऊ में पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क के रहस्योद्घाटन के लिए बेशक यू.पी.एटीएस की प्रशंसा की जानी चाहिए। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस नेटवर्क के मोहरों की गिरफ्तारी,उनसे हुई विस्फोटकों, असलहों की बरामदगी पर योगी सरकार और संबंधित जांच एजेंसियां अपनी पीठ थपथपाने ,पुलवामा कांड की तर्ज पर इस मामले की सियासी मार्केटिंग करने से बाज आए़गी ।इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने,इस नेटवर्क के मास्टर माइंड तक पहुंचने की हर मुमकिन कोशिश की जानी चाहिए। यदि यू .पी.एटीएस का यह दावा ठोस प्रमाणों के साथ सच सिद्ध होता है कि इस नेटवर्क के तार नापाक पाक से जुड़े हैं तब पाकिस्तान के नापाक इरादों को वैश्विक स्तर पर बेनकाब किया जाना चाहिएं।
यह एक संयोग ही है कि समय रहते इस नेटवर्क का खुलासा हो गया और आतंकवादियों को धर दबोचा गया ,वह अपने नापाक मंसूबों को पूरा नहीं कर सके।
एडीजी ला एण्ड आर्डर प्रशांत कुमार ने इस संदर्भ में अपनी प्रेस कांफ्रेंस में यह दावा किया है कि यह नेटवर्क 2019 से सक्रिय था ।उनको देश और प्रदेश के नागरिकों को यह बताना चाहिए कि यदि राजधानी लखनऊ में 2019 से यह आतंकी नेटवर्क सक्रिय था तब लखनऊ पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक क्यों नहीं थी? यह बताना चाहिए कि राजधानी में आतंकी नेटवर्क तक विनाशकारी विस्फोटकों , असलहों का जखीरा कैसे पहुंचा?यह बताना चाहिए कि किसके नाकारापन से 2019 से योगी सरकार की नाक के नीचे आतंकी नेटवर्क सक्रिय था? राजधानी तक विस्फोटकों, असलहों का जखीरा कैसे पहुंचा? यह बताना चाहिए कि राजधानी लखनऊ में 2019से आतंकबादी नेटवर्क सक्रिय था और विस्फोटकों,असलहों का जखीरा जुटा रहा था यह लखनऊ पुलिस और खुफिया तंत्र का नाकारापन है या नहीं?यह भी बताना चाहिए कि लखनऊ पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जबाबदेही तय की जाएगी या नहीं?
कहीं ऐसा न हो कि यह मामला भी नफा नुकसान, आरोप प्रत्यारोप की सियासत का शिकार हो जाए और इसका सच भी पुलवामा के सच की तरह देश और प्रदेश के नागरिक न जान सकें। गौरतलब है कि आज तक स्वयंभू राष्ट्रवादी मोदी सरकार देश को यह नहीं बता सकी है कि सुरक्षा बलों के काफिले में विस्फोटकों से भरी जो गाड़ी घुसी वह किस प्रदेश की थी? उसका मालिक कौन था ? हाई सिक्योरिटी जोन में तीन क्विंटल से ज्यादा विस्फोटक कैसे पहुंचा? कहां से पहुंचा?
राजधानी लखनऊ में पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क का पकड़ा जाना यह बताता है कि आतंकवाद के खात्मे का मोदी सरकार का दावा कितना सतही और खोखला है ।यह एक तल्ख हकीकत है कि आतंकवाद ने कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक अपने पांव पसार लिए हैं ,हमारा खुफिया तंत्र और हमारा पुलिस तंत्र आतंकवाद की नकेल कस पाने के मोर्चे पर नाकारा सिद्ध हुआ है। वक्त रहते हमने आतंकी विषबेल की जड़ों के समूल नाश की कारगर रणनीति नहीं बनाई तब उसका खामियाजा हम सब को भोगना पड़ेगा।

