अशोक मद्धेशिया
संवाददाता चोपन
पेयजल के लिए बिलबिला उठे लोग
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर मंडल के अंतर्गत आने वाला जिला सोनभद्र जिसकी आबादी लगभग 25 लाख है। 6788 वर्ग किलोमीटर में फैला ये जिला लम्बे समय से जल संकट झेल रहा रहा है। गर्मियों के मौसम में इस जिले की प्रमुख नदियों जिनमें सोन नदी, बिजुल, कनहर रेणुका नदियों का जल स्तर कम हो जाता है, साथ ही कुएं, तालाब भी सूख जाते हैं, तेजी से नीचे जा रहे वाटर लेवल के कारण सोनभद्र में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही हैं।
आज इसी क्रम में सोनभद्र के विकास खंड चोपन में ग्राम पंचायत करगरा मीतापुर के टोला लोहार बस्ती व मल्हिया बस्ती में पेयजल के संकट गहराने लगा है गांव में लगभग 8 से 10 हैंडपंप लगे हुए हैं लेकिन गर्मियों के कारण वाटर लेवल कम होने से पानी देना बंद कर दिए हैं इससे स्थानीय रह वासियों को पेयजल की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है आज सुबह पानी के लिए हैंड पंप पर लंबी कतार लग गई पानी जल्दी भरने की होड़ में आपस में झगड़ा लड़ाई पर भी आमादा हो जा रहे हैं बता दें कि ऐसा ही कुछ हाल विकास खंड चोपन के अंतर्गत कई गांव में देखने को मिल रहा है जबकि ग्राम पंचायत करगरा में टैंकर होने के बावजूद भी पानी की व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो पा रही है वहीं कुछ दूरदराज गांव में कुछ समाजसेवी द्वारा टैंकर के माध्यम से गांव को पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। उसके बावजूद बहुत से लोगों को जहां पानी उपलब्ध नही होता उन्हें “चुहाड़” (नदी के किनारे छोटा सा गड्ढा खोदकर जिससे पानी रिसता है) का पानी मजबूरी में पीना पड़ता रहा हैं। जिससे स्थानीय ग्रामीण को तमाम तरह की बीमारियां होने की संभावना बनी रहती है
बताते हैं कि विकासखंड के अंतर्गत बारिश अच्छी होती है लेकिन पठारी क्षेत्र होने के कारण यहां वर्षा का पानी रुकता नहीं बह जाता है, जिसके चलते यहां वर्षा जल का संचय नहीं हो पाता और विकासखंड चोपन में पानी का स्तर धीरे-धीरे घटता जा रहा है। यहां पर वर्षा के जल का संचय करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन कोई विशेष लाभ प्राप्त नहीं हो सका है
इस बाबत जब करगरा प्रधान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि टैंकर चलाने के लिए विकास खंड चोपन पर प्रार्थना पत्र देकर जल्द से जल्द पानी का टैंकर ग्राम पंचायत करगरा में संचालित कराएंगे।

