अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। पर्याप्त यूरिया खाद नही मिलने से किसानो के माथे पर परेशानी के संकट उत्पन्न हो गए हैं। उन्हें लग रहा है कि समय पर खाद नहीं मिला तो धान की फसल पूरी तरह बर्बाद hh हो जाएगी और उनके मेहनत पर पानी फिर जाएगा। आपको बता दे कि धान की रोपाई के बाद जब पहली खाद की जरूरत है, तो लैम्पसो से खाद नहीं मिल रही है। किसान खाद के लिए सप्ताह भर से परेशान हैं और दिन-भर खाद के लिए लैम्पस का चक्कर लगा रहे हैं।
वहीं, बाजार के दुकानदार सहकारी समितियों पर खाद न मिलने का जमकर फायदा उठाते हुए दोगुने दामों पर यूरिया खाद बेच रहे हैं। रविवार को दुद्धी लैम्पस पर खाद के लिए प्रदर्शन करते हुए किसानों ने नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि खाद कम आ रही है, इसलिए कम बांटा जा रहा है। पता ही नहीं चल रहा है कि खाद कब आएगी और कब बंटेगी।
एडीओ कॉपरेटिव मनोज कुमार ने बताया कि कई सहकारी समितियों पर खाद सीमित मात्रा मे आ रही है और किसानों की लंबी भीड़ लग जा रही है। इसलिए प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में पारदर्शिता पूर्वक खाद बंटवाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जैसे-जैसे खाद आ रही है, वैसे-वैसे खाद वितरण के लिए निर्देश दिए गए हैं।

