अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र । नगर सहित आसपास के मंदिरों में गौरी शंकर की पूजा अर्चना के लिए साज सिंगार कर मंदिरों में भक्ति भाव पूर्ण पूजा अर्चना किया तीज का व्रत अत्यंत ही कठिन माना जाता है। यह निर्जला व्रत है। व्रत के पारण के पहले इसमें पानी का एक बूंद भी ग्रहण करना वर्जित है। महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा एवं पति के स्वस्थ्य एवं दीर्घायु जीवन के लिए ईश्वर से मंगलकामना करती है। तीज व्रत की महिमा को अपरंपार माना गया है। सनातन धर्म में विशेषकर सुहागिन महिलाएं गौरी-शंकर की पूजा करती है। इस दिन महिलाएं 24 घंटे से भी अधिक समय तक निर्जला व्रत करती हैं। यही नहीं रात के समय महिलाएं जागरण करती हैं। अगले दिन सुबह विधिवत्त पूजा-पाठ करने के बाद ही व्रत खोलती हैं। मान्यता है कि तीज का व्रत करने से सुहागिन महिला के पति की उम्र लंबी होती है। जबकि कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर प्राप्त होता है हाइडल कॉलोनी में प्राचीन शिव मंदिर नगर के कैलाश मंदिर दुर्गा मंदिर काली मंदिर इत्यादि जगहों पर मौजूद भगवान भोलेनाथ व मां पार्वती की विद्वत सिंगार कर पूजा अर्चना की गई।

