सेराजुल हुदा
दुद्धी/ सोनभद्र। बरसात के मौसम की शुरुआत हो गई हो जो क्षेत्र के लोगों के लिए खतरे की घंटी साबित हो रही है। अक्सर बरसात के बाद बढ़ती उमस से विषैले जीव जंतु उमस से राहत पाने के लिए अपने अपने बिलों से बाहर निकल रहे है जिससे क्षेत्र में विषैले जंतु के काटने की घटनाएं तेजी के साथ बढ़ने लगे है।सीएचसी दुद्धी मे सर्पदंश के एक मरीज का उपचार चल ही रहा होता है कि दूसरा मरीज सर्पदंश का शिकार होकर पहुंच रहा है।ऐसा ही मामला एक बार फिर कोतवाली क्षेत्र के डुमरडीहा गांव से सामने आया है
जहां विवाहिता उषा देवी (30 वर्ष) पत्नी महेंद्र कुमार को रात्रि में एक बजे विषैले सर्प करैत ने डस लिया। घटना के समय उषा देवी अपने कमरे मे अपने बच्चे के साथ चारपाई पर सोई हुई थी, जबकि उनके पति महेंद्र कुमार बगल के बेड पर सोए हुए थे।
सर्पदंश की जानकारी तब हुई जब सर्प पति महेंद्र के ऊपर से चढ़कर पार हुआ और 2 से 3 घंटे बाद उषा देवी को बेचैनी और शरीर मे ऐंठन दर्द महसूस होने लगा। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए उषा देवी को रात्रि मे ही निजी साधन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में भर्ती कराया । परिजनों ने सर्प को पकड़कर डब्बे मे भर रखा है। आज बृहस्पतिवार को उषा देवी का जांच उपरांत चिकित्सक ने डिस्चार्ज कर दिया है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व मंगलवार की शाम उषा देवी की सास शकुंतला देवी को भी खेत मे सर्प ने डस लिया था, जिनका इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। चिकित्सकों के अनुसार बरसात के दिनों मे लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है तथा इस प्रकार की घटना होने पर पहला एक घंटा मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है,झाड़ फूंक के चक्कर मे न पड़कर मरीज को अस्पताल मे लाकर उसका इलाज कराने की सलाह दी है ।

