अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
जुगैल/सोनभद्र। जिला सोनभद्र के रेत माफिया न्यू इंडिया मिनरल के द्वारा ऐतिहासिक किला अघोरी खास की प्राचीन नदियों का सीना को छलनी कर नदी के अस्तित्व को खत्म करने कार्य किया जा रहा जिसमें सबसे बड़ा योगदान योगी सरकार में विराजमान उन जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई है जो यहां की जिम्मेदार पद पर बैठकर एक मोटी काली कमाई का संग्रह करने में विलुप्त है बात करते हैं खनन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह जिनके संरक्षण में *रेत माफिया न्यू इंडिया मिनरल का चौरा बिजौरा अगोरी खास* में मानक की विपरीत सीमांकन एरिया में घुसकर बड़ी-बड़ी दर्जनों पोकलेन मशीन वन नाव लगाकर अवैध रेत खनन दिन तो दिन रात के अंधेरे में भी खनन करने का कार्य जोरों पर चल रहा है बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी एक में बैठकर काजू कतली और रसमलाई खाकर अपनी कुंभकरणीय निद्रा पूरी करने में व्यस्त हैं यू कहा क्या सकता है कि जिला सोनभद्र अवैध रेत खनन माफियाओं के लिए किसी सुरक्षित ठिकाना होने इनकार नहीं किया जा सकता।
समय-समय पर एनजीटी टीम की छापेमारी दिखावे के लिए की जाती है लेकिन वह भी सिर्फ खानापूर्ति ही दिखाई देता है मानो ऐसा प्रतीक होता है जैसे टीम आने की सूचना रेत माफिया को पहले से फॉरवर्ड कर दी जाती है इस टीम को कुछ भी नहीं अवैध दिखाई पड़ता और जैसे ही टीम वापस चली जाती है फिर क्या अघोरी खास के न्यू इंडिया मिनरल्स में अवैध रेत खनन फिर जोरों पर शुरू कर दिया जाता है। जिससे नदी में रहने वाले जलीय जिव जंतु जैसे मछली, घड़ियाल, कछुआ और ऐसे तमाम जलीय जंतुओं का अस्तित्व मिटता नजर आ रहा है फिर भी जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं डोल रहा है जबकि एक तरफ योगी सरकार तामम जलीय जंतुओं को के पालन करोड़ों की फंडिंग देकर जोर दे रही है फिर भी रेत माफिया और भ्रष्ट जिम्मेदार अधिकारियों मिली भगत से नदियों और जालीय जंतुओं की अस्तित्व पर घोर संकट गहराता नजर आ रहा है।

