अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। सोमवार को वट सावित्री व्रत के पावन अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ व्रत रखकर वटवृक्ष की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर महिलाओं ने वटवृक्ष की परिक्रमा कर अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही महिलाएं व्रत का संकल्प लेकर वटवृक्ष की छांव में एकत्रित हुईं। पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाओं ने पूजन सामग्री के साथ वटवृक्ष के चारों ओर धागा लपेटते हुए सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी और पूजा विधि संपन्न की। सुहागिनों ने माथे पर सिंदूर, हाथों में चूड़ियाँ और मांग में भरे सोलह श्रृंगार के साथ श्रद्धा-भाव से व्रत का पालन किया। व्रत करने वाली महिलाओं का कहना था कि यह व्रत नारी सशक्तिकरण और पति-पत्नी के अटूट संबंध का प्रतीक है।
व्रत के समापन पर महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य की कामना की। यह पर्व श्रद्धा, भक्ति और भारतीय संस्कृति की गहराइयों को दर्शाता है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी सुहागिन महिलाओं द्वारा पूरी आस्था से मनाया जाता है।

