अशोक मद्धेशिया
क्राइम जासूस
ओबरा/ सोनभद्र। पूर्वांचल पत्रकार एकता समिति के नगर अध्यक्ष और महासचिव ने तहसील दिवस पर ओबरा के उप जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें शारदा मंदिर चौराहे पर स्थित पुलिस सहायता केंद्र में वर्षों से ताला लटकने के मुद्दे को उठाया गया। समिति ने बताया कि नगर पंचायत के चोपन रोड स्थित शारदा मंदिर चौराहे पर बने पुलिस सहायता केंद्र पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। इस कारण स्थानीय निवासियों और इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों में कई प्रकार को लेकर डर का माहौल बना हुआ है। इस महत्वपूर्ण स्थान पर पुलिस की गैर-मौजूदगी के चलते असामाजिक तत्वों का जमावड़ा देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब यह पुलिस सहायता केंद्र बना था, तो शुरुआती एक-दो साल तक पुलिसकर्मी यहां तैनात रहे,
लेकिन उसके बाद से यह ज्यादातर समय बंद ही रहता है। लगभग 13 साल बीत चुके हैं और तब से इसे दोबारा खोलने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस सहायता केंद्र के खुलने से क्षेत्र में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और चोरी जैसी घटनाओं पर भी लगाम लगेगी। वर्तमान में शारदा मंदिर चौराहे पर पुलिस कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण यातायात नियमों का उल्लंघन आम बात हो गई है, जिससे चोपन रोड पर दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। निवासियों का कहना है कि जब पुलिसकर्मी इस सहायता केंद्र पर तैनात थे, तो किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होती थी और यदि कोई घटना होती भी थी, तो तुरंत कार्रवाई की जाती थी। पुलिस सहायता केंद्र की मौजूदगी से राहगीरों और स्थानीय लोगों को चोरी, छिनौती और यातायात नियमों के उल्लंघन जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी और नगरवासी अपने आप को सुरक्षित महसूस करेंगे। पुलिस सहायता केंद्र से कुछ ही दूरी पर बच्चों के स्कूल भी स्थित हैं, और केंद्र के चालू होने से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करवाया जा सकेगा, जिससे छात्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। स्थानीय निवासियों ने शासन-प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि शारदा मंदिर चौराहे पर स्थित इस पुलिस सहायता केंद्र को जल्द से जल्द फिर से खुलवाया जाए, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कायम हो सके। स्थानीय लोग इसके लिए हमेशा आभारी रहेंगे।

