**** कार्यवायी संस्था के अधिकारियों ने 102 करोड़ का रिवाइज स्टीमेट शासन को भेज कर बजट का किया मांग****
सेराजुल हुदा
दुद्धी / सोनभद्र। स्थानीय तहसील क्षेत्र मे बीते 2 वर्षों से बनकर तैयार कनहर बांध का लाभ क्षेत्र के किसानों को नही मिल पा रहा है | जिसके कारण क्षेत्र के हजारों किसानों के चेहरों पर मायुसी छाया हुआ है | पानी के अभाव मे उनकी फसल सूख रहा है | जिसका सीधा कारण अभी तक सिंचाई के लिए नहरों का निर्माण न होना माना जा रहा है | इस संबंध मे कनहर सिंचाई परियोजना के अवर अभियंता डी के कौशिक ने बताया कि बजट के अभाव मे नहर निर्माण का कार्य रूका हुआ है, हमलोगों ने 102 करोड़ रुपए का रिवाइज् स्टीमेट शासन को भेजा है। संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि धनराशि के लिए सभी प्रक्रिया करीब पूरा हो चुका है। सुत्रों की माने तो केवल कैबिनेट की मंजूरी मिलने मे विलंब है। कैबिनेट के मंजूरी मिलने के बाद नहर निर्माण के लिए रास्ता खुल जायेगा |
आपको मालूम रहे कि अभी तक नहरों का निर्माण कार्य अधूरा होने से कनहर बांध का पानी सीधे कनहर नदी मे बह रहा है, और क्षेत्र के हजारों किसान सिंचाई के लिए टकटकी लगाए हुए हैं। कनहर सिंचाई परियोजना की लापरवाही दो साल से किसानों पर भारी पड़ रही हैं। कनहर बांध बने करीब 2 वर्ष होने को है लेकिन अभी तक न तो बायीं तरफ के नहर का काम पूरा हुआ और न ही दायीं तरफ के नहर का | इसलिए कनहर बांध के सभी फाटक से सीधे कनहर नदी मे पानी बह रहा है |क्षेत्र के किसानों का कहना है कि कनहर बांध बनने से उम्मीदें जगी थी कि अब सिंचाई के लिए कनहर बांध से नहर द्वारा पानी मिलेगी लेकिन कनहर बांध बनने के दो साल बाद भी खेतों को पानी नही मिलना शुरू हुआ हैं, इसका सबसे बड़ा कारण नहर का अधूरा होना बताया जा रहा हैं।नहर नही बनने के कारण हजारों क्यूसिक पानी प्रतिदिन कनहर नदी मे फालतू छोड़ा जा रहा हैं। अगर यही पानी नहरों के माध्यम से छोड़ा जाता तो क्षेत्र के हजारों किसानों को सिंचाई के लिए जरूरी पानी मिल जाता, जिससे किसान आसानी से अपने खेतों मे सिंचाई कर लेता |
इस सम्बन्ध मे कनहर सिंचाई परियोजना के अवर अभियंता डीके कौशिक ने बताया कि पैसा नही होने के कारण नहर का काम पूर्ण नही किया जा सका है।शासन को 102 करोड़़ रुपये बजट के लिए लिखा गया है, बजट मिलते ही नहर के काम मे तेजी लायी जाएगी।और जल्द ही किसानों के खेतों तक पानी पहुचाया जयेगा |

