अनपरा परियोजना द्वारा रिहंद डैम मे बहायी जा रही राख, जिम्मेदार बने मूक दर्शक

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अनपरा/सोनभद्र, परियोजना द्वारा रिहंद डैम मे बहायी जा रही राख, जिम्मेदार बने मूक दर्शक राख मिश्रित रिहंद डैम का पानी मानव के लिए बन चुका है विषैला सोनभद्र l भारत में आयतन की दृष्टि से सबसे बड़ा राख बांध रिहंद डैम राख से पटता जा रहा है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 13 जुलाई 1954 को आधारशिला रखी थी और नौ साल बाद सोनभद्र जिले के पिपरी के पहाड़ों के बीच रिहंद नदी को बांधकर तैयार हुए इस बांध का उद्घाटन हुआ था। जलसंग्रहण के लिए बना यह बांध अनपरा व ओबरा परियोजनाओं की राख से पटता जा रहा है।
ओबरा परियोजना की राख का एक हिस्सा सीधे रेणुका नदी और शेष राख ऐश डैम से होकर नाले के जरिए सीधे रेणुका नदी में गिराए जाने को लेकर जिम्मेदार आंख तो मूंदे ही हैं। राज्य सरकार के स्वामित्व वाली प्रदेश की सबसे बड़ी 2630 मेगावाट वाली अनपरा तापीय परियोजना का भी यही हाल है। बेलवादह स्थित ऐशडैम के भराव को लेकर एनजीटी (नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की टीम 2015 में ही चिंता जाहिर कर चुकी है। 2009 में स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट रिहंद डैम के पानी को मानव जीवन के लिए अयोग्य घोषित कर चुकी है इसके बावजूद अब तक न तो ऐशडैम से राख मिश्रित पानी के रिहंद पानी में हो रहे प्रवाह पर पूरी तरह रोक लग सकी है और न ही जगह-जगह ऐश पाइप टूटने से खेतों में पट रही राख का ही प्रभावी निदान निकाला जा सका है। यह हाल तब है, जब प्रतिष्ठित संस्था सेंटर फॉर साइंस इनवायरमेंट द्वारा 22 फरवरी 2015 को किए गए सर्वे में राज्य सरकार की ओबरा परियोजना को प्रदेश का सर्वाधिक और अनपरा परियोजना को दूसरा सर्वाधिक प्रदूषण उत्सर्जक केंद्र (परियोजना) बताया था। इसके बावजूद स्थिति सुधरने की बजाय बिगड़ी हुई है। ताज़ा मामला अनपरा तापीय परियोजना के अ ताप विधुत गृह से निकलने वाली ऐश पाइप लाइन का है जो राख बांध मे ना डालकर परियोजना के जिम्मेदार सीधे गोविन्द बल्लभ पंत सागर यानि रिहंद डैम मे बहाया जा रहा है l आस पास के नागरिकों ने बताया कि लगभग एक वर्ष से बेलवादाह राख बांध से लगभग 17 किमी पहले ही सीधे राख को रिहंद मे डाला जा रहा है l जबकि उत्पादन निगम हर वर्ष करोड़ो रूपये का टेंडर इन ऐश पाइपो के अनुरक्षण पर खर्च कर रहा है l सवाल उठता है कि इतनी घोर लापरवाही के बावजूद जिम्मेदार सो रहे है l इस सम्बन्ध मे अनपरा तापीय परियोजना के प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक जे पी कटियार का कहना है कि उन्हें जानकारी नही है मै देखता हूँ l इस सम्बन्ध मे जब क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी से जब सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो उनका फोन लगातार स्वीच आफ बताता रहा l

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
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