अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। ओबरा तहसील के गांव में स्थित पल पर हो रहे मरम्मत के कार्य से आम लोगों को बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
रात के समय में भी हो रहे रिपेयरिंग कार्य को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई हैं ।
लेकिन पी.डबल्यू.डी. विभाग को इससे कोई फर्क पड़ता हैं ऐसा इसलिए लगता हैं कि आपत्ति के बाद रात्रि में कार्य लगातार होना विभाग की मनमानी को दर्शाता है। लगन तेज होने के करण बारातियों को विवाहित स्थल पर जाने वाले लोगों को जाम लगने के कारण कई कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है जिससे समय से गन्तव्य स्थान पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पुल सकरा होने की वजह से एक तरफ बोरी में बालू भरकर लगाकर पुल को वन-वे कर दिया जाता है। बड़ी-बड़ी वाहनों के कारण पुल पर जगह कम होने से जाम होने के कारण आने जाने वालों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। रात्रि में काम करने का कारण पूछने पर सीधा सा जवाब दिया जाता है कि यदि आपको कोई दिक्कत हैं तो आप जी साहब से बात कर लीजिए उन्हीं का आदेश है इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।
सोचनीय विषय हैं कि पुल चार बालू साइट सोने की वजह से हजारों की संख्या में भारी वाहनों का अंडरलोड ओवरलोड बालू लेकर विभिन्न जनपदों में होता हैं। मोरंग लोड किये हुए वाहन चालक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आते हैं तय क्षमता से अधिक लोड होने के कारण नो एंट्री का भी लफड़ा रहता है साथ ही साथ जैसे लोकेशनर ने लोकेशन दिया फिर तो यह वाहन चालक तूफान हो जाते हैं जिससे एक्सीडेंट की भी संभावना बनी रहती हैं। पुल जल्दी क्षतिग्रस्त होने का मूल कारण ओवरलोड गाड़ियों का आना जाना है उनके दोनों तरफ बालों की जमा हो गई है जिस वजह से मोटर- साइकिल वाले फिसल कर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं कभी-कभी तो काल के गाल का शिकार हो जाते हैं।
पुल का मरम्मत होना अच्छी बात है लेकिन रात में मरम्मत करना की समझ से पड़ेगा क्योंकि रात के वक्त सभी को घर जाने की जल्दी होती है ऐसे में घंटा घंटा जम के कारण लोगों को इंतजार करना नागवार लग रहा है।

