रवि सिंह,
दुद्धी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नदियों से इस समय गुपचुप तरीके से अवैध रेत की तस्करी व्यापक रूप से की जा रही है। इसमें दुद्धी सहित आसपास के गांव से रेत तस्कर सक्रिय है। जो अपना एक सिंडिकेट बनाकर काम कर रहे हैं।बता दे की इन सभी को तहसील मुख्यालय के इर्द-गिर्द दिनभर चाय और पान की दुकानों पर तथा प्रशासनिक केंद्रों पर घूमते देखा जा सकता है। ये अधिकारियों सहित अन्य की गतिविधियों का लोकेशन देते रहते हैं। इस खेल में काफी लोग शामिल है।
*आइए बताते है कैसे होता है ये खेल*
बताते चले की यह सब रात्रि को नदियों में ट्रैक्टर ले जाते हैं।जिसमें पहले से ही मजदूर इसके लिए तय होते है।जब ट्रैक्टर पर बालू लोड हो जाता है तब उस बालू को निश्चित जगहों पर गिरा दिया जाता है।ये प्रक्रिया रात भर चलता है। दिन होते ही सिंडिकेट मेंबर लोगो से संपर्क करके बालू सप्लाई के लिए कीमत तय करता है।कीमत तय होने के बाद उसे ग्राहक तक पहुंचाने की कवायद शुरू होती है। ट्रिपर और डंपर से चल रहे बालू साइड से लीगल बालू परमिट लेकर यहां आ जाते हैं इसके बाद उसी परमिट के आड़ में दिन भर अवैध बालू की तस्करी ऊंचे दामों पर की जाती है।
*अधिकारी करते हैं कोरम पुरा*
अगर किसी के द्वारा इसकी सूचना अधिकारियों को दी जाती है।सूचना देने वाले से पहले तो कई सवाल दागे जाते है। इसके बाद वहां पर पहुंचकर कोरम पूरा करते हैं। अभी तक ऐसे किसी गाड़ियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।बस कभी एकाक ट्रैक्टर को पड़कर मामले को शांत कर दिया जाता है।
लोगो ने कार्रवाई की मांग
कस्बा के कुछ रहवासियों ने बताया कि तहसील मुख्यालय पर इतना बड़ा सिंडिकेट बालू तस्करी के लिए क्षेत्र में सक्रिय है और अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग रहा है यह पच नहीं रहा है। कहीं ना कहीं उनकी मौन सहमति है। जिसके वजह से इनके हौसले इस तरह बुलंद है।लोगो ने जिलाधिकारी सोनभद्र का ध्यान आकृष्ट कराते ऐसे तस्करों के ऊपर जांच कराकर कार्यवाही कराने की माग की गई है।

