अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। आज महाशिवरात्री पर सुबह से ही नगर के मंदिरों शिवालयों महिला-पुरुष बच्चों के संग कैलाश मंदिर,काली मंदिर,शिव मन्दिर पराखंबा नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, राम महादेव मंदिर, दुर्गा मंदिर,सोनेश्वर मंदिर में पूजन-अर्चन जलाभिषेक करने वालों का तांता लग गया जय सियाराम,जयरुद्राम्,माता पार्वती पतये नमः शिवाय के नारों से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा तो वहीं कैलाश मंदिर में प्रसाद के दूध का ठंडई और प्रीतनगर हनुमान मंदिर भंडारे का आयोजन किया गया था।
प्राचीन कथाओं के मुताबिक आज ही देवाधिदेव महादेव का बारात उठा था अजीब बात यह है कि बारात में बराती के रुप में बंदर-भालू,भूत-प्रेत नागा, साधु-संतों संग राजा दक्ष के राजधानी में प्रवेश किये तो वहां प्रजा दूल्हे और बारातियों को देखकर घबरा गई कि दूल्हा मृगछाल लपेटे पूरे तन पेश्मसान
का भस्म। लपेटे और माथें पर चंदन लगाएं बाराती गांजा-भाग पीते हुए पहुंचे तब राजा के यहां शादी में अन्य राजा आपस में कानाफूसी करने लगे
जिसे देख राजा दक्ष ने विवाह करने से मना कर दिया लेकिन माता पार्वती की जिद पर उन्हें विवाह करना पड़ा। इसलिए की उन्होंने भोलेनाथ को पाने के लिए घोर व्रत-तप की थी तब जाकर विवाह संपन्न हुआ।जब बारात विदा होने लगा तो कुछ लोगों ने कहाकि ————
आखिर क्या कारण था कि महलों की राजकुमारी,फकीर की फ़क़ीरी पर दीवानी हो गई।

