बग्घा सिंह,
बीजपुर(सोनभद्र) प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी और महत्त्वाकांक्षी निपुण भारत लक्ष्य और डीबीटी योजना म्योरपुर ब्लॉक में सुचारू रूप से चलती नजर नहीं आ रही है। योजना को शत प्रतिशत अंजाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी खण्ड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर को सौंपी गई है लेकिन बीईओ की उदासीनता और लापरवाह कार्यशैली से ना तो बच्चे निपुण हो रहे है ना ही डीबीटी योजना का धन अभिवावकों तक पहुंच रहा है। बताया जा रहा है की खण्ड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर भवन निर्माण कराने वाले शिक्षको और भगोड़े टीचरों को प्रशिक्षण और बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के नाम पर संरक्षण देने में ही अपना पूरा ध्यान लगा रखे है ऐसे में परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के बीच पठन पाठन का माहौल खत्म हो गया है।
शुक्रवार को म्योरपुर ब्लॉक के किरबिल, सांगोबांध और जरहा न्याय पंचायत के विभिन्न गाँवों में संचालित परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई और डीबीटी की जांच करने पहुंचे भाजपा प्रतिनिधि मंडल को ग्रामीणों ने बताया की अधिकांश शिक्षक विद्यालय नही आते है तो विद्यालय के बच्चे निपुण कैसे होंगे।
मंडल अध्यक्ष मोहर लाल को ग्रामीणों ने बताया की बच्चो को किताबे पढ़ने नही आती लेकिन खण्ड शिक्षा अधिकारी के दबाव में निपुण दिखाने का फर्जी खेल म्योरपुर शिक्षा क्षेत्र में खेला जा रहा है फर्जी डाटा भरकर छात्र उपस्थिति एवम निपुण के मामले में जिले के उच्चाधिकारियों को फर्जी रिपोर्ट सौंप गुमराह किया जा रहा है।
मंडल अध्यक्ष मोहर लाल ने ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए बीएसए से बात कर खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यशैली तथा निपुण और डीबीटी धनप्रेषन के संबंध में जांच करा कर तत्काल कारवाई की मांग किया है इस दौरान पत्र प्रतिनिधियों से मुलाकात में मंडल अध्यक्ष ने स्कूलों में निपुण भारत और डीबीटी में गड़बड़ी की बिंदुवार शिकायत करते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक हरहाल में अवश्य पहुंचना चाहिए। इस बाबत बेसिक शिक्षाधिकारी सोनभद्र नवीन कुमार पाठक ने कहा कि शिकायतों पर मैं खुद मॉनिटरिंग कर रहा हूँ जहाँ कोई कमी या गड़बड़ी की शिकायत मिलती है सम्बन्धितों पर विभागीय कार्रवाई की जाती है।

