*अवैध रूप से कोयला भण्डारण व चोरी करके खनन विभाग के साथ-साथ राज्य सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।*

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अशोक मद्धेशिया
संवाददाता

चोपन/सोनभद्र। स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत सलाईबनवा रेलवे स्टेशन को आम लोग रेलवे स्टेशन की वजह से जानते है। लेकिन अब सलाईबनवा की पहचान रेलवे स्टेशन से इतर और एक कारण की वजह से बन बैठा है। पूर्व में सलाईबनवा रेलवे साइडिंग पर कोयले के भंडारण को लेकर प्रशासन का हंटर चला था। हालांकि जांच के बाद क्या हुआ किसी भी तरह के हंटर का निशान देखने को नहीं मिला नतीजन बड़े पैमाने पर एक बार फिर उक्त कोयला साइडिंग पर अवैध कोयले का भंडारण और मिक्सिंग का कार्य बदस्तूर जारी है। कोयले में मिलावट के लिए दूसरे राज्यों से लाए जा रहे ब्लैक स्टोन व बुरादा के साथ बिल्ली खनन क्षेत्र में गिट्टी के छोटे-छोटे कण के साथ कोयले के लिए बनाए गए खासतौर के तारकोल को मिलाकर मोटी कमाई की जा रही है। अवैध रूप से कोयला भण्डारण व चोरी करके खनन विभाग के साथ- साथ राज्य सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।
कोयला तस्करों पर लगाम और सरकार की हो रही राजस्व क्षति पर रोक लगाने के उद्देश्य से एक बार फिर से स्पेशल टास्क फोर्स अभियान चलाने की ज़रूरत है। ऐसा नहीं है अधिकारियों को नहीं है। फिर भी कोयले के खेल को खुले आंखों से मौन स्वीकृति देना किसी बड़े खेल की तरफ इशारा कर रहा है।

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
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