अशोक/मद्धेशिया
संवाददाता
ओबरा/सोनभद्र। जनपद में बालू खननकर्ताओ के मनमानी रवैये व खननकर्,वनकर्मीओं के मिली भगत की सुर्खियां इन दिनों चर्चा सुर्खियों पर है। वही जिम्मेदार मौन धारण किए हुए है।
जहां एक तरफ सरकार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी भ्रष्टाचार को समाप्त करने में लगे है लेकिन सरकार की स्वछ छवि को धूमिल करने में कर्मचारी गण लगे है। जी हाँ जनपद में इन दिनों अगोरी रेणुका नदी,ब्रह्मुरी एवं खोखा के बालू साइडों पर नियमों को पूरी तरीके से ताक पर रखकर मनमानी तरीके से भ्रष्टाचार किया जा रहा है नियमानुसार बालू की साइडों में बड़ी पोकलेन मशीनों नावों का प्रवेश प्रवेश वर्जित है। वही दिनदहाड़े शासनादेश को ताक पर रखकर अनियमितता को अंजाम दिया जा रहा है।
जिसमें वन विभाग,खनन विभाग की भूमिका संदिग्ध और आम जनमानस में चर्चा जोरों में चल रही है। पूरी रात्रि खनन जोरो से हो रहा है। चिन्हित गाड़िया रुपये कमाने की होड़ में सेटिंग से ओवरलोड निकालना आम बात हो गया है। जिसकी सूचना जिला प्रशासन को ट्विटर एवं सोशल साइड के माध्यम से अक्सर अवगत कराया जा रहा है। परन्तु खनन विभाग मौन धारण किए हैं
ब्रह्मोमोरी में पुरी रात्रि खनन जोरों सें, खननकर्ताओ के मनमानी रवैये से मछुआ समाज,के साथ-साथ जलीय जीव जन्तु पर छाया संकट का बादल।
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Friday, December 22, 2023 4:05 PM
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