अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
ओबरा/सोनभद्र। स्थानीय थाना अंतर्गत विल्ली मारकुंडी में खनन मानक के विपरित मनमानी ढंग से हो रहा है अवैध पत्थर खनन प्रशासनिक क्या कारण हैं अधिकारी मौन हैं। बात अवैध खननकर्ताओं की करें तो वे सभी गंगा में स्नान करके स्वच्छ और पवित्र हो गये हैं।
ओबरा स्थित खदान क्षेत्रों में देखा जाए तो जहां पारदर्शिता की बात हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ़ अवैध खननकर्ताओं द्वारा धड़ल्ले से रात्रि में बिना डर-भय के अवैध खनन किया जा रहा है। इस संबंध में खनन सर्वेयर भी दबी जुबान से स्वीकार कर रहें हैं। उनसे जब भी खनन नियमावली की बात पूछी जाता है तो बताया जाता है कि हमारे जानकारी में नहीं है देखने के बाद ही कुछ बता या कारवाई कर पायेंगे। खनन नियमावली में हैं कि संध्या होते ही मजदूर या मशीन से कार्य करने पर रोक हैं। वहीं खनन-कर्ताओ द्वारा बिना डर-भय के खनन नियम को ताक पर रख कर मेसर्स बालाजी एसोसिएट व वी राधे राधे खनन कार्य किया जा रहा है।
जिससे उ०प्र० सरकार की छवि एवं जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के कार्य पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है अब देखना यह है कि जिलाधिकारी महोदय संज्ञान में लेते हैं कि नहीं या इसी तरह से खननकर्ताओं द्वारा खनन नियमावली को ताक पर रख कर खनन किया जाता रहेगा।
दिन-रात मनमानी ढंग से खनन नियमों को ताक पर रखकर विल्ली मारकुंडी क्षेत्र में हो रहा अवैध पत्थर खनन।
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Wednesday, December 20, 2023 3:28 AM
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