अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। इन दोनों गुर्मा रेंज के वनकर्मियों की मिली भगत से बड़े पैमाने पर एक और कैमूर वन विभाग के सेंचुरी एरिया में अवैध बालू का खनन हो रहा है तो दूसरी तरफ भूमि सेंचुरी क्षेत्र में पत्थर का अवैध खनन जोरो से हो रहा हैं। आप सभी को अवगत कराते चलें कि गुरमा वन क्षेत्र के रुदौली गांव में जहां गांव के दबंगों द्वारा अधिकारियों की मिली भगत से बड़े पैमाने पर अवैध पत्थर खनन किया जा रहा है। जानकारी होने के बावजूद गुरमा रेंज के अधिकारी मौन हैं। जिससे यह अंदाज़ लगाया जा सकता है कि अवैध खनन करता ओं के लिंक गुरमा वन प्रभाग के उच्च अधिकारियों तक है गांव के एक समूह द्वारा आज अवैध पत्थर खनन को लेकर मौके पर प्रदर्शन किया गया।
काफी दिनों से अवैध पत्थर खनन चल रहा है जो बंद होना चाहिए और अवैध खनन करता ओं के खिलाफ विधिसंगत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। जब ग्रामीणों का समूह फोटो वीडियो बना रहा था तो खननकर्ताओंं द्वारा
गाली गलौज करते हुए उनका मोबाइल छीन लिएं और इतना ही नहीं मारपीट की भी नौबत आ गई और अवैध खनन करता हूं द्वारा धमकी दिया गया कि यदि थाने में शिकायत करते हो तो तुम्हें जान से मरवाकर खनन क्षेत्र में दफन कर देने की बात कही गई।
इस दौरान गांव के बहुत से लोग मौके पर पहुंच गए तो दबंग खननकर्ता भाग खड़े हुए नहीं अवैध खननकर्ताओ द्वारा होगा कुछ भी किया जा सकता था। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों ने मांग किया कि अवैध खननकर्ताओं के विरुद्ध वन अवैध खनन अधिनियम
अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में प्रार्थना पत्र देकर ग्रामीणों ने थाना प्रभारी निरीक्षक से भी मांग किया कि गुर्मा रेंज हो रहे आवाज खनन पर रोक लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की जाए। जिससे इस क्षेत्र की सेंचुरी एरिया बरकरार रहें और प्राकृतिक वातावरण बना रहा है और जीव-जंतुओं का जीवन सलामत रहें।

