अशोक मध्देशिया
संवाददाता
ओबरा/सोनभद्र। पोस्ट ग्रेजुएट स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्र नेताओं को उस समय बड़ा झटका लगा। जब अधिसूचना जारी होने के बाद भी महाविद्यालय में छात्र संघ चुनाव को लेकर नियमावली बदल दी गई और विगत 3 वर्षों की तरह इस वर्ष भी छात्र संघ चुनाव को लेकर काले बादल मंडराने लगे। जैसे ही इस बात की जानकारी छात्र नेताओं को हुई तो विभिन्न पार्टियों के छात्र नेताओं ने एकजुटता का परिचय देते हुए छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर प्राचार्य से मिले। जहां उन्हें जिले के आल्हा अधिकारियों से बात करके छात्र संघ चुनाव को लेकर पहल करने को कहा गया।

हालांकि छात्र नेताओं ने छात्र संघ चुनाव को लेकर महाविद्यालय में धरने पर बैठ गए और प्राचार्य पर दबाव बनाने लगे प्राचार्य ने कहा कि शासन स्तर जैसे ही चुनाव करने के लिए आदेश आएगा समय विधि अनुसार चुनाव कर दिया जाएगा। लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद चुनाव को लेकर अभी तक कॉलेज प्रशासन की तरफ से या जिला प्रशासन की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला जिसके चलते छात्र नेता एक बार फिर चुनाव कराने की बात पर हामी भरवाने के लिए विद्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए हैं और प्रचार के खिलाफ धरना प्रदर्शन दे रहे हैं।
छात्र नेता अभिषेक तिवारी ने कहा कि शासन की तरफ से चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बावजूद चुनाव को लेकर कोई माहौल नहीं दिख रहा है। विगत 3 वर्षों से छात्र संघ का चुनाव न होना दुखद है। छात्र संघ चुनाव लड़ने नहीं होने से विद्यालय में जो एकेडमी है उसमें बहुत सी विषमताएं देखने को मिलती हैं। ओबरा अपर जिला अधिकारी महोदय को सारी समस्याओं से छात्रों ने अवगत कराया। अभिषेक तिवारी ने कहाकि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तो आंदोलन निरंतर चलता रहेगा महाविद्यालय के खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई लड़ने को तैयार है छात्रसंघ। अब देखने वाली बात यह होगी कि महाविद्यालय प्राचार्य और जिले के आलाअधिकारियों पर छात्र संघ के आंदोलन का कितना प्रभाव पड़ता है या पिछले वर्षों का जो रिकॉर्ड है वही रिपीट होता है।

