अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। (ओबरा)
07 नवम्बर 2023 : हाल में ही एक मिठाई की दुकान पर बड़े ही आराम से छिपकली को मिठाई खाने का वीडियो तेजी से हो रहा है वायरल !
प्रकाश पर्व दीपावली की आहट मिलने के साथ ही धड़ल्ले से नकली मिठाईयों का खेल भी शुरू है !
चोपन – प्रकाश पर्व दीपावली की आहट मिलने के साथ ही जिले के बाजार में धड़ल्ले से बिना किसी रोक – टोक के नकली मिठाईयों का खेल भी शुरू है । शुद्धता की कोई गारंटी नहीं रहती । प्रतिबंधित मिठाईया भी मार्केट में सजने लगी है । नकली मावा दुकानों से घरों तक पहुंच रहा हैं । खाद्य रंग व मिलावटी कच्चा माल भी बाजार में बड़े आसानी से पहुंच चुका है । कुल मिलाकर निष्कर्ष यह कि इस बार की दीवाली पर धड़ल्ले से मिलावटी खोवा, मावा से बनी मिठाइयां बिकेंगी और खाद्य विभाग मुकदर्सक बन कर देखता रहेगा । कस्बे के मुख्य सड़क पर कंधे में कनस्तर लिए एक शख्स मिलता है । जब मीडिया टीम उससे पूछती है की “क्या है भाई ..? सर, पनीर और छेना है । खोआ भी है । लीजिएगा क्या..? ले लीजिए सौ से तीन बीस रुपया किलो में हैं।अरे भाई इतना महंगा रेट, जी हम मैटेरियल कानपुर से मंगाते हैं इसलिए खोआ महंगा हैं त्यौहार के कारण, सोनांचल में दूध की नदी बहती है अथवा नहीं, यह तो अलग बात है लेकिन थोड़ी ही देर में एक दुकानदार सारी बात स्पष्ट कर देता है की ये सामान आप लोग नहीं लीजिए । ये सब तो मेला ठेला का सामान है, देखते नहीं हैं की गांव से कितने लोग आते है ये सब उसी में खप जायेगा । दीवाली में मिठाईयों की बंपर बिक्री के कारण बेसन, चौरठ, वनस्पति, मैदा, सूजी यहां तक कि मसालों में भी मिलावट की जा रही है । जानकारों की मानें तो मिलावट का गोरख काला धंधा शहर में भी धड़ल्ले से किया जा रहा है । मिठाईयों में अखाद्य रंगों का प्रयोग भी धड़ल्ले से होता है । ग्रामीण मेले में ऐसे रंग मिलाये जाते हैं, जिनमें साफ लिखा रहता है कि “नाट फिट फार ह्यूमन कंजप्शन”, लेकिन सस्ता होने के कारण कई दुकानदार उसे मिलाते हैं । वहीं, शहर की कई दुकानों में डोडा बरफी तथा ऐसी ही अन्य मिठाईयां भी बेची जा रही हैं, जिन्हें सरकार ने भी प्रतिबंधित कर रखा है ।
इस प्रकरण में खाद्य विभाग पूरी तरह अनुपस्थित नजर आता है । आखिर दीवाली पर मिठाईयों की शुद्धता की गारंटी कौन देगा ? जिले में फूड इंस्पेक्टर कभी नजर ही नहीं आते । ऐसे में मिलावट के धंधेबाज खुल कर आम जनमानस के साथ खेल खेलने मे लग गये हैं । जिला पदाधिकारी एवं वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि नकली मिठाईया जहर के समान होती हैं । वे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर गंभीर कुप्रभाव डालती हैं इसीलिए पर्व के अवसर पर बेहतर है कि लोग मिलावटी खाद्य पदार्थो का प्रयोग कदापि ना करें ।

