रवि सिंह / सेराजुल हुदा
दुद्धी / सोनभद्र | कनहर बांध से विस्थापित हुए दलित व आदिवासियों के बीच भाकपा ( माले ) का प्रतिनिधि मंडल ने पहुंच कर उनके दुख: दर्द को सुना | किस तरह लोग बेहाल जिन्दगी जीने को मजबूर है , आवासीय पट्टा से नाखुस विस्थापित आपने जानवरों गाय, बैल व बकरी को कहां रखेंगे इसकी चिंता उन्हें सताये जा रही है । सिर्फ़ घर बनाने भर का जगह मिला है, पैकेज के बारे में लोगों ने बताया कि तीन पीढ़ी की पैकेज तो दूर अभी 65% से लेकर 70% तक ही पैकेज मिला है। बाकी लोग आवासीय पट्टे से भी कोसों दूर हैं,कनहर परियोजना पूरा हो गया हैं| कई गांव ऐसे हैं जहां विस्थापन पैकेज नहीं मिला ,रंदह गोहड़ा, लाम्बी, डुमरिया लादि गांव भी डूब रही है। सिंचाई विभाग में पैकेज देने का प्रस्ताव किया था | उससे पीछे हट रही है। यह बातें भाकपा (माले) जिला सचिव सुरेश कोल और आदिवासी महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य बीगन राम गोड़ ने अपने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कनहर विस्थापित हुए आदिवासियों के मुलभूत समस्याओं को लेकर आंदोलन चलाया जायेंगा ।
जांच दल में अनिल कुमार, रामचंद्र खरवार, रामशरण गोंड, मान जीत गोड़, रामनाथ भुइया, इंकलाबी नौजवान सभा के दिनेश रजवाद सहित गाँव के बहुत सारे ग्रामीण मौजूद रहे ।

