अनिल जायसवाल
डाला/सोनभद्र – सोनभद्र का ऐसा चिकित्सा केंद्र जहां लगभग कई महीनों से डॉक्टर नही आते। जबकि धीरे-धीरे ग्रामीणों ने हास्पिटल से इलाज सम्बन्धित उम्मीदे त्यागने को मजबूर हो गए ।
चोपन थाना अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गुरमुरा इन दिनों जन सुविधाओ के नाम पर खानापूर्ति रह गयी । मरीज किस पर विश्वास करें । अक्सर नजदीकी झोला छाप पर विस्वास कर के जान जोखिम में डालना उनकी मजबूरी है। जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गुरमुरा में एलोपैथ, यूनानी, व आयुर्वेद तीनो पद्धति के डॉक्टर बैठते है । लेकिन उनमें से एलोपैथ के डॉक्टर फरवरी से गायब है । कोई बताने को तैयार नही है कि आखिर क्यों नही आते। वही यूनानी डॉक्टर सप्ताह में 3 दिन , तथा आयुर्वेद के डॉक्टर साहब की ड्यूटी अक्सर जिले पर लगी रहती है।
ग्रामीण उम्मीद भी जता कर इलाज नही करा पाते । जहां सरकार गरीबो को इलाज के लिए सुविधाओ का भंडार भर रही है वही आदिवासी अंचलों में जिम्मेदार मात्र सैलरी लेना व कुर्सी तोड़ना जिम्मेदारी समझ रहे है। जब डॉक्टर ही हास्पिटल में नही है तो इलाज करेगा कौन। इस सम्बंध में हास्पिटल में मौजूद फैमासिस्ट ने बताया कि जब कोई मरीज यहां आता भी है तो हम उसकी दवा दे देते है और दिक्कते होने पर चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को भेज देते है। जिम्मेदार का रता रटाया जबाब मिलता है जानकारी हुई है दिखवाता हु।

