तहसीलदार सदर अवैधानिक वसूली नोटिस के खिलाफ आईपीएफ ने दाखिल की हाईकोर्ट में याचिका

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तहसीलदार सदर अवैधानिक वसूली नोटिस के खिलाफ आईपीएफ ने दाखिल की हाईकोर्ट में याचिका

उमेश कुमार सिंह 

डायरी नम्बर हुआ आवंटित
वसूली नोटिस को रद्द करने की उठाई मांग

लखनऊ, 6 जुलाई 2020, लखनऊ हिंसा मामले में तहसीलदार सदर द्वारा दी गई वसूली नोटिस को रद्द कराने के लिए आज ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता एस. आर. दारापुरी ने इलाहाबाद उच्चन्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल की है. जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर डायरी नंबर 6875/ 2020 आवंटित किया है.

याचिका में मांग की गई है कि तहसीलदार सदर द्वारा 12 जून को जारी की गई वसूली नोटिस उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 नियमावली 2016 का स्पष्ट उल्लंघन है अतः इसे निरस्त किया जाना न्यायोचित होगा. याचिका में कहा गया है कि वसूली नोटिस जिस प्रारूप 36 में दी गई है उस प्रारूप में विधिक रुप से पंद्रह दिन का समय बकायेदारों को दिया जाता है जिसे मनमाने ढंग से तहसीलदार सदर द्वारा सात दिन कर दिया गया है. यही नहीं तहसीलदार सदर द्वारा नोटिस में जिस नियम 143 (3) का हवाला दिया गया है वह नियम नियमावली में है ही नहीं. इसलिए इस तरह की विधि विरुद्ध कार्रवाई और इस नोटिस के तहत अब तक हुई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाही को करने वाले अधिकारियों को दंडित करने की भी मांग याचिका में की गई है. यह जानकारी वर्कर्स फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष दिनकर कपूर ने प्रेस को जारी अपने बयान में दी. उन्होंने हाईकोर्ट द्वारा डायरी नम्बर आवंटित होने के बाद कहा की राजनीतिक बदले की भावना से लोकतंत्र की आवाज को दबाने की योगी सरकार की कोशिश अंततः विफल होगी और न्याय मिलेगा.
दिनकर कपूर
अध्यक्ष
वर्कर्स फ्रंट

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
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