हिन्डाल्को रेनुसागर में मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
अनपरा (सोनभद्र)। हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेनुपावर डिवीजन, रेणुसागर की पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मधुबन पार्क में मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने एवं जैव विविधता को सुदृढ़ करने के प्रति जनजागरूकता फैलाना रहा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि हिंडालको रेनुसागर के यूनिट हेड आर पी सिंह ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण पर अपने सम्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और ऐसे प्रयास न केवल हरित क्षेत्र को बढ़ाते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी केवल संस्थानों की नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की है।हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है पर्यावरण बचाना है तो विचार नहीं, क्रियान्वयन अपनाएं।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे पर्यावरण विभाग के हेड कमलेश मौर्या ने मियावाकी तकनीक की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें कम स्थान में अधिक घनत्व के साथ तेजी से विकसित होने वाले जंगल तैयार किए जाते हैं। इस पद्धति से पौधों की वृद्धि दर सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में कई गुना अधिक होती है और यह स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में सहायक होती है।इस अवसर पर संचालन विभाग के हेड मनीष जैन,सौम्या मिश्रा,ललित खुराना ,सदानन्द पांडेय,संतोष श्रीवास्तव सलोनी पाल, अजय मिश्रा सहित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

