अनपरा सोनभद्र।अनपरा सोनभद्र।आदित्य बिड़ला पब्लिक स्कूल, रेनूसागर की 10 वीं की होनहार छात्रा आरोही बृजेश ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (YUVIKA) में सफलता प्राप्त की है और साथ ही विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) के तीनों चरण सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर लिए हैं।
अब आरोही बृजेश चौथे चरण के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर में भाग लेने जा रही हैं, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।बेंगलुरु में 15 दिन की ट्रेनिंग कर आरोही बृजेश ने अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह तकनीक, रॉकेट विज्ञान एवं आधुनिक वैज्ञानिक प्रयोगों की गहन जानकारी प्राप्त की, साथ ही उन्हें इसरो के वैज्ञानिकों के साथ संवाद का अवसर भी मिला, जिससे उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई दिशा मिली।
कार्यक्रम के सफल समापन पर आरूही बृजेश को इसरो द्वारा “Certificate of Participation” प्रदान किया गया, जो उनकी प्रतिभा, परिश्रम एवं वैज्ञानिक रुचि का प्रमाण है। आदित्य बिड़ला पब्लिक स्कूल, रेनूसागर की इस प्रतिभाशाली छात्रा की उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है। हिंडालको रेनुसागर के यूनिट हेड आर पी सिंह ,एच आर हेड आशीष पांडेय, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने उनकी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
आरोही की सफलता उनकी कड़ी मेहनत, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उनकी यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।इसके पूर्ब आरोही बृजेश ने प्रतिष्ठित विज्ञान प्रतियोगिता “विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) 2025–26 “में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय शिविर (लेवल-III) में द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया है।
यह परीक्षा देश की सबसे बड़ी डिजिटल आधारित विज्ञान प्रतिभा खोज प्रतियोगिता मानी जाती है, जिसका आयोजन विज्ञान भारती द्वारा किया जाता है। इसमें राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग रहता है।
यह राज्य स्तरीय परीक्षा कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड मैनेजमेंट (KIPM) टेक्निकल कैंपस, गोरखपुर में आयोजित हुई थी, जिसमें प्रदेश भर के मेधावी छात्रों ने हिस्सा लिया।
आरोही ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता वंदना वी कुमार-पिता बृजेश कुमार और शिक्षिका रचना श्रीवास्तव को दिया। आरोही का लक्ष्य भविष्य में तेजी से विकसित हो रही तकनीकी दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग का एकीकरण (इंटीग्रेशन) विज्ञान और उद्योग के क्षेत्र में एक नई क्रांति में उत्कृष्ट योगदान देकर देश का नाम रोशन करना है।आरोही बृजेश ने बताया कि तकनीकी क्षेत्र के अलावा संगीत एवं स्पोर्ट्स में अपनी पहचान बनाना चाहती हूँ।

