पिपरी संवाददाता दीपू तिवारी
(पिपरी सोनभद्र) यूपी पुलिस में 32679 सिपाही एवं समकक्ष पदों पर होने वाली सीधी भर्ती को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट मिलने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2023 में 60244 सिपाही (नागरिक पुलिस) पदों पर हुई भर्ती में पहले ही सामान्य वर्ग को तीन वर्ष की आयु छूट दी जा चुकी है, इसी कारण इस बार दोबारा छूट मिलने की उम्मीद कमजोर मानी जा रही है।
हालांकि, सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की मांग तेज हो गई है। कई विधायकों ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखे हैं, जिसके बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
आयु सीमा में छूट पर फैसला राज्य सरकार के हाथ
आयु सीमा में छूट देने का अधिकार पूरी तरह राज्य सरकार के पास है। इसके लिए ठोस और विशेष कारण होना आवश्यक माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2023 की भर्ती नागरिक पुलिस तक सीमित थी, जबकि इस बार की भर्ती में—
• पीएसी
• सशस्त्र पुलिस
• घुड़सवार पुलिस
• विशेष सुरक्षा बल
• जेल वार्डर
जैसे कई अन्य पद भी शामिल हैं। इन पदों पर करीब 6 वर्षों से भर्ती नहीं हुई, इसी आधार पर अभ्यर्थी आयु सीमा में छूट की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय राज्य सरकार को लेना है।
OBC और SC-ST को 48 वर्षों से मिल रही आयु छूट
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (SC-ST) के अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों में 5 वर्ष की आयु छूट पिछले 48 वर्षों से दी जा रही है।
रिकॉर्ड के अनुसार, 8 नवंबर 1977 को इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया था। इससे पहले 1977 में जारी आदेशों के तहत OBC को आरक्षण और आयु छूट का लाभ दिया गया था, जिसे बाद में SC-ST वर्ग तक भी बढ़ा दिया गया।
भर्ती बोर्ड नहीं ले सकता आयु छूट का फैसला
पुलिस भर्ती में आयु सीमा में छूट देने का अधिकार भर्ती बोर्ड के पास नहीं है। यह फैसला केवल शासन स्तर पर लिया जा सकता है।
वर्ष 2015 में लागू आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी सेवा नियमावली के अनुसार—
• पुरुष अभ्यर्थियों की आयु सीमा: 18 से 22 वर्ष
• महिला अभ्यर्थियों की आयु सीमा: 18 से 25 वर्ष
OBC और SC-ST वर्ग को शासनादेशों के तहत आयु में छूट देने का प्रावधान पहले से मौजूद है। भर्ती बोर्ड इन्हीं नियमों के तहत पूरी प्रक्रिया संपन्न कराता है।

