सोनभद्र संवाददाता(जयदीप गुप्ता)।
कोन। क्षेत्र में इन दिनों अचानक बदले मौसम ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कड़ाके की ठंड और घनी धुंध के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। तापमान में आई भारी गिरावट से सुबह और रात के समय ठंड का प्रकोप सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। रविवार की सुबह कोन क्षेत्र में न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे ठिठुरन बढ़ गई। लेकिन ठंडी हवाओं के चलते ठंड का असर दिनभर बना रहा।
घनी धुंध के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई है। सुबह के समय मुख्य मार्गों पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धुंध के कारण सामने से आने वाले वाहनों का सही अंदाजा नहीं लग पा रहा, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। खासकर कोन–खरौंधी मार्ग, कोन–विंढमगंज मार्ग और कोन तेलगुड़वा मार्ग सहित ग्रामीण संपर्क सड़कों पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है। लोग जान हथेली पर रखकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
ठंड का असर दैनिक जीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सुबह जल्दी निकलने वाले मजदूर, किसान,और नौकरीपेशा लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। बाजारों में भी सुबह के समय सन्नाटा पसरा रहता है, जबकि दोपहर में धूप निकलने पर कुछ चहल-पहल बढ़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड से बचाव के सीमित साधनों के कारण बुजुर्गों और बच्चों की परेशानी और बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ी तो जनजीवन और अधिक प्रभावित हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में अलाव की व्यवस्था कराने और ठंड से बचाव के आवश्यक इंतजाम करने की मांग की है हालांकि फिलहाल कुछ स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड और धुंध से राहत मिलने के आसार कम हैं, जिससे क्षेत्रवासियों को सतर्क रहने की जरूरत है।

