सत्यपाल सिंह,,,म्योरपुर/सोनभद्र,
मंगलवार को विकास खंड म्योरपुर के अगरिया जाति के लोगो ने ईसाई एवं मुस्लिम पंथ के लोगो द्वारा समाज के लोगो को धर्मांतरित करने के विरुद्ध प्रदर्शन किया जाति के मुखिया दशई लोहार ने कहा कि हमारे समाज के भोले भाले लोगो को छल से, धन का लोभ देकर धर्मान्तरित करने का प्रयास किया जा रहा है बेटियों को लव जिहाद में फंसाकर हमारे पूर्वजो की संस्कृति से विमुख किया जा रहा है।जिसकी हमलोग घोर निंदा करते है। भारत की महानता उसकी विविधता में है यहाँ पर हजारो वर्षों से अलग अलग पंथ, परम्पराएं, सम्प्रदाय पनपते रहे है।हर व्यक्ति को अपनी आस्था में जीने का अधिकार है अपनी पूजा पद्धति अपनाने की स्वतंत्रता है यही स्वतंत्रता भारत को दुनिया की सबसे प्राचीन और जीवंत सभ्यता बनाती है। परन्तु आज इस स्वतंत्रता पर सबसे बड़ा संकट धर्मातरण के रूप में खड़ा हो रहा है छल, बल, और प्रलोभन से होने वाला धर्मांतरण किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है और समाज की सांस्कृतिक अस्मिता पर आघात है। कोई भी किसी को दबाव लालच छल से अपना धर्म अपनाने को मजबूर नहीं कर सकता ,सभी को अपने धर्म में सुरक्षित रहने का अधिकार है जिसका धर्मांतरण किया जा रहा है उसे भी अपनी धार्मिक आस्थाओं की रक्षा करने का अधिकार है जिसको सुनिश्चित करने का दायितव केंद्र और प्रदेश सरकारों का है।इतिहास गवाह है कि जब जब छल और लालच से धर्मांतरण हुआ है तब तब समाज में संघर्ष पैदा हुआ है आज हम घर घर, गली गली जाकर यह बताना चाहते है की यह लड़ाई के जाति की नहीं है बल्कि भारत की विविधता पहचान, सुरक्षा और शांति को बचाने की लड़ाई है जब हम सुरक्षित रहेंगे तभी भारत की आत्मा सुरक्षित रहेगी हम अपने समाज के माध्यम से केंद्र एवं प्रदेश की सरकार से माँग करते है हमारे पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हमरी संस्कृति को बचाने के लिए अपना ध्यान केंद्रित करने की कृपा करे।
इस अवसर पर मानसाह, प्रबोध, अमृतलाल ,बुद्धि नारायण, राम लखन, गिरिजा देवी ,भगामानिया देवी, सोनमती, रामदुलारे, रामनाथ सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष उपस्थित रहे ।

