किसान विधेयक बिल को लेकर साहित्यकारों ने भी किया किसान आंदोलन का समर्थन
विवादित मुद्दे तत्काल वापस हो
किसान देश की जान और शान हैं
संवाददाता अशोक मद्धेशिया
केंद्र सरकार द्वारा लाये गये कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तथा देश भर में हो रहे किसान आन्दोलन के समर्थन में जनपद के साहित्य सेवियों की महत्वपूर्ण बैठक वनवासी सेवा आश्रम के अध्यक्ष, वरिष्ठ समाजवादी चिन्तक, साहित्यकार पं० अजय शेखर के अध्यक्षता में उनके रॉबर्ट्सगंज स्थित आवास पर सम्पन्न हुई जिसमें किसानों के समस्याओं पर गहन विचार- विमर्श के पश्चात साहित्यकारों का छः सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से प्रेषित किया।
इस दौरान वरिष्ठ समाजवादी चिन्तक, साहित्यकार पं० अजय शेखर ने भारत बंद के समर्थक विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं एवं किसान संघ के कार्यकताओ व नेताओं को जबरन गिरफ्तार कर हिरासत में लिए जाने की पुरजोर निन्दा करते हुए इसे जनतांत्रिक मूल्यों पर गहरा आघात कहा है साथ ही साथ श्री शेखर ने सरकार व प्रशासन की इस कार्यवाही को अलोकतांत्रिक करार देते हुए कहा कि हम सभी लोग इस आन्दोलन का समर्थन करते हुए सरकार के मांग करते हैं कि सरकार अपने जनतंत्र विरोधी दमनकारी कार्यवाही से बाज आये तथा किसानों के मांग पूरी करे।
वरिष्ठ पत्रकार रामनाथ शिवेन्द्र समेत प्रतिनिधि मण्डल के सभी सदस्यों ने सरकार के इस हठवादिता की निन्दा की
इस मौके पर शहीद प्रबन्धन ट्रस्ट करारी के निदेशक प्रदुम्न त्रिपाठी, फरीद खान उप सचिव मधुरिमा साहित्य गोष्ठी, साहित्यकार एवं पत्रकार प्रभात सिंह चन्देल, एड.अशोक तिवारी (शायर), समाजसेवी हरिशंकर तिवारी मौजूद रहे

