बग्घा सिंह/असफाक कुरैशी।
बीजपुर/सोनभद्र।
डीएवी पब्लिक स्कूल एनटीपीसी रिहंदनगर में विश्व के महान संत, आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती की दो सौ वीं जयंती बड़े हीं धूम धाम से मनाया गया। ज्ञातव्य हो कि दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बारह फरवरी को स्वामी दयानंद सरस्वती की दो सौ वीं जयंती के उपलक्ष में पूरे साल चलने वाले समारोह एवं कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए हवन कार्यक्रम में बड़ी तन्मयता से भाग लिया।
इसी कड़ी में डीएवी पब्लिक स्कूल, एनटीपीसी, रिहंदनगर में बारह फरवरी को प्रकाश पर्व मनाते हुए विद्यालय के मुख्य द्वार को झिलमिल सितारों वाली रोशनी से जगमग किया
गया। तेरह फरवरी को विद्यालय के प्रार्थना सभा में दयानंद सरस्वती जी की तस्वीर पर प्राचार्य श्री राजकुमार के साथ- साथ सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने पुष्पांजली अर्पित किया। महर्षि दयानंद सरस्वती की भेष-भूषा में आए कक्षा नौवीं के छात्र वेदांग शुक्ला, संजय यादव एवं अमर्त्य सेन यादव ने दयानंद जी के जीवन पर प्रकाश डाला। भजन कार्यक्रम के बाद प्राचार्य श्री राजकुमार ने अपने संबोधन के द्वारा स्वामी जी को शत-शत नमन किया। चौदह फरवरी को सर्वप्रथम प्रभातफेरी एवं झांकी निकाली गई जिसमें आदित्य सिंह और ऋषि शर्मा ने दयानंद जी का वस्त्र और साज- सज्जा धारण कर सबके आकर्षण का केंद्र बना रहा। ओम् का झंडा -ऊंचा रहे, आर्य समाज -अमर रहे, दयानंद सरस्वती- अमर रहे,वेद की ज्योति- जलती रहे आदि गगन भेदी नारों से पूरा एन टी पी सी टाउनशिप गुंजायमान हो उठा। तत्पश्चात विद्यालय में हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्रिंट मीडिया से पधारे रघुराज सिंह, राम जियावन गुप्ता, राम प्रवेश गुप्ता एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पधारे रविन्द्र पांडे के साथ साथ अभिभावक संदीप उपाध्याय, सूर्यबली सिंह, निक्कू पूरी, गीतिका मेहता, गोपाल जी आदि ने भाग लिया। सभी ने दयानंद सरस्वती की जयंती पर उन्हें नमन किया और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्राचार्य श्री राजकुमार ने अपने संबोधन में सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया। अपने संबोधन में प्राचार्य श्री राजकुमार ने बताया कि दयानंद सरस्वती जैसे महान विभूति सदियों में विरले हीं पैदा होते हैं। उन्होंने गुलामी के भीषण काल में सभी भारतीयों को एकजुट करने का अथक प्रयास किया। हिंदी को संपूर्ण भारत की भाषा बनाने पर जोर दिया तथा सत्यार्थ प्रकाश के माध्यम से सम्पूर्ण मानव के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। उनके विचारों से प्रभावित होकर अनेकों स्वतंत्रता सेनानी देश की आजादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिए। डीएवी संस्था स्वामी दयानंद सरस्वती जी की विचारधारा को पिछले एक सौ सैंतीस वर्षों से आगे बढ़ाने के लिए प्रयत्नशील है। प्राचार्य के संबोधन के बाद स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन पर आधारित एक लघु नाटिका प्रस्तुत किया गया। वेदांग शुक्ला, शुभार्थी, शिवम पांडे, प्रतिभा, स्मिता, लव पांडे, खुशी तिवारी,रीतिका तिवारी, परी सिंह, तन्वी तिवारी, रक्षिका, दृष्टि सिंह, खुशी रानी, सुहाना कुमारी, मयंक मिश्रा, अर्पित जायसवाल आदि ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के द्वारा कार्यक्रम में समा बांध दिया। इसके बाद सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के मध्य मिष्टान वितरित किया गया।

