बग्घा सिंह/असफाक कुरैशी
बीजपुर /सोनभद्र।
विकास को लेकर जहाँ सरकार बेहद संवेदनशील है।तो वही जिम्मेदारों के उदासीनता के चलते कुछ गांव औसे भी हैँ जहां के लोग सरकारी योजनाओं से आज भी वंचित हैँ।म्योरपुर ब्लॉक के अंतर्गत एक ग्राम पंचायत लीला डेवा हैँ जहां अधिकांश लोगों का न तो राशनकार्ड है न ही आवास की सूची में नाम ही है।ग्राम पंचायत लीला डेवा के आदिवासी गोड,बैगा, पनिका बाहुल्य टोला मुशरा बहरा में आज भी लोग राशनकार्ड,आवास,शौचालय,वृद्धा ,विधवा,विकलांग पेंशन,सड़क,बिजली,पानी आदि से आज भी लोग वंचित है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वहा के लोगों ने बताया कि न जाने कितने प्रधान आये और चले गये परन्तु यहाँ चुनाव में केवल वोट लेने आते हैँ फिर पांच साल पता नहीं चलता है।जबकि कई बार ब्लॉक प्रमुख,विधायक आदि का कार्यक्रम भी हो चुका कि,परन्तु किसी ने ध्यान नहीं दिया,जबकि जनप्रतिनिधि आदिवासी समाज से ही आते है।विकास से संबंधित ग्राम प्रधान से बात करने पर प्रधान भी टाल मटोल करते है।यहाँ के ग्रामीण आज भी राशनकार्ड,सड़क,बिजली,पानी,आवास आदि से आज भी वंचित हैँ।आवास कि सूची में बहुत लोगों का नाम ही नहीं है।
ग्राम पंचायत लीला डेवा में विकास को लेकर जहां सरकार बेहद संवेदनशील है।तो वही जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते कुछ गांव के साथ लीला डेवा के लोग आज भी सरकारी योजनाओं से वंचित हैँ टोला मुशरा बहरा के लोग विकास क्या होता है यह नहीं जानते।ग्रामीण आज भी सड़क,बिजली,पानी,आवास जैसी मूल भूत सुविधाओं तक के लिये तरस रहे हैँ।
लगभग 3000 की आबादी वाले इस गांव में पिछड़ी,अनुसूचित,अनुसूचित जनजाति व कुछ सामान्य जाति के लोग निवास करते हैँ।जहां मुशरा बहरा टोले में 130 परिवार वाले इस टोले में अधिकांश घर झोपड़ी है।गांव में नाली का निर्माण नहीं हो पाया है जिससे जल निकासी की समस्या बनी रहती है।50 से अधिक ऐसे लोग हैँ।जो अपने घरों के सामने गड्ढा खोद कर घर के पानी को इकट्ठा करते हैँ।जिससे गांव में जल जनहित बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।शुद्ध पेयजल के नाम पर केवल हैंडपम्प ही सिर्फ लगे हैँ वो भी खराब हो जाने पर महीनों बीत जाने के बाद भी नहीं बनवाया जाता है।शौचालय जो बने हुए है वो प्रयोग विहीन व जीर्णशीर्ण है शौच के लिये लोग बाहर जाने को मजबूर हैँ।गांव में आवास के लिये आज भी लोग टक टकी लगाये हुए है परन्तु मिलने का आसार नहीं लग रहा है।गांव में मुशरा बहरा गोडान बस्ती में सड़क न होने से बारिश के दिनों में आवागमन नरकीय हो जाता है।
ग्राम पंचायत में एक सदस्य ने बताया कि पति की मृत्यु एक वर्ष हो गया है परन्तु विधवा पेंशन नहीं पास कराया गया।आधारकार्ड व बैंक पास बुक तथा फोटो ग्राम प्रधान व सचिव को कई बार दिये परन्तु विधवा पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्राम प्रधान का कहना है कि मेरा प्रयास है कि पूरे ग्राम पंचायत का विकास कार्य किया जाय ।सभी को सरकारी योजनाओं से जरूर जोड़ा जायेगा।पात्र व्यक्ति किसी भी योजना से वंचित नहीं रहने पायेगा।

